राजनीति
'हम जेन जेड हैं': लद्दाख चेकपोस्ट पर सुरक्षाकर्मियों के साथ बहस का वीडियो वायरल, पूर्व सैनिकों और नेटिजन्स ने की आलोचना
ICN24 Newsroom 20 अग॰ 2026, 11:37 pm

लद्दाख में सुरक्षा जांच के दौरान एक महिला द्वारा 'जेन जेड' होने का हवाला देकर बहस करने का वीडियो वायरल हो गया है, जिस पर पूर्व सैनिकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
लद्दाख के एक दुर्गम इलाके में स्थित सुरक्षा चेकपोस्ट पर पर्यटकों और ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई तीखी बहस के एक वीडियो ने भारत सहित विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित इस वीडियो में एक महिला पर्यटक को सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के बजाय सुरक्षाकर्मियों के सामने 'हम जेन जेड (Gen Z) हैं' कहते हुए सुना जा सकता है। यह घटना केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के एक संवेदनशील क्षेत्र की बताई जा रही है, जहाँ सुरक्षा कारणों से नियमित तलाशी और पहचान पत्र की जांच अनिवार्य है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि पर्यटक समूह सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का विरोध कर रहा है। जब सुरक्षाकर्मियों ने नियमों का हवाला दिया, तो महिला ने यह कहते हुए अपनी पीढ़ी का बचाव किया कि उनकी पीढ़ी (Gen Z) का व्यवहार अलग है। इस तर्क ने न केवल मौके पर मौजूद जवानों को हैरान कर दिया, बल्कि इंटरनेट पर भी एक बड़ी बहस छेड़ दी है। आलोचकों का तर्क है कि 'जेन जेड' होना किसी को भी राष्ट्रीय सुरक्षा नियमों के उल्लंघन या वर्दीधारी जवानों के प्रति अनादर दिखाने का लाइसेंस नहीं देता है।
भारतीय सेना के कई पूर्व अधिकारियों और सैन्य दिग्गजों ने इस घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। सेवानिवृत्त अधिकारियों का कहना है कि लद्दाख जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में तैनात जवान अत्यधिक मानसिक और शारीरिक दबाव में काम करते हैं। ऐसे में पर्यटकों का असहयोग न केवल उनके मनोबल को प्रभावित करता है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था में भी सेंध लगा सकता है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे 'विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग का अहंकार' (entitlement) करार दिया है।
ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय (Indian-Australian community) के लिए भी यह खबर चर्चा का विषय बनी हुई है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय मूल के लोग अक्सर छुट्टियों में लद्दाख और हिमालयी क्षेत्रों की यात्रा करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रवासी भारतीयों को भारत में यात्रा करते समय स्थानीय कानूनों और विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों के सैन्य नियमों के प्रति अधिक जागरूक और संवेदनशील होने की आवश्यकता है।
राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले की गूंज सुनाई दी है। कुछ नेताओं ने इसे शिक्षा और नागरिक बोध की कमी बताया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई की गई है या नहीं, लेकिन इस वीडियो ने एक बार फिर भारत में पर्यटन शिष्टाचार और सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित कर दिया है। अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच के दौरान सहयोग करें, क्योंकि ये नियम उनकी अपनी सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं।
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