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वृंदावन के प्रेम मंदिर के बाहर 'टीका' लगाने वालों की कितनी है कमाई? वायरल वीडियो में हुआ बड़ा खुलासा

ICN24 Newsroom 24 जून 2026, 03:25 pm
वृंदावन के प्रेम मंदिर के बाहर 'टीका' लगाने वालों की कितनी है कमाई? वायरल वीडियो में हुआ बड़ा खुलासा

वृंदावन के प्रसिद्ध प्रेम मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं को टीका लगाने वाले एक लड़के का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने अपनी प्रतिदिन की कमाई का खुलासा किया है।

भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित वृंदावन न केवल अपनी आध्यात्मिकता के लिए जाना जाता है, बल्कि यह एक विशाल स्थानीय अर्थव्यवस्था का केंद्र भी है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रेम मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं को 'टीका' लगाने वाले एक कम उम्र के लड़के ने अपनी दैनिक कमाई के बारे में जानकारी दी है। इस खुलासे ने इंटरनेट उपयोगकर्ताओं और विशेष रूप से विदेश में रहने वाले भारतीय समुदाय को अचंभित कर दिया है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति उस लड़के से पूछता है कि वह दिन भर में टीका लगाकर कितने पैसे कमा लेता है। लड़के ने बड़ी ही मासूमियत और आत्मविश्वास के साथ बताया कि वह औसतन 1,000 से 1,500 रुपये प्रतिदिन कमा लेता है। विशेष त्योहारों या सप्ताहांत (वीकेंड) के दौरान, जब मंदिर में भीड़ बढ़ जाती है, तो यह कमाई 2,000 से 2,500 रुपये तक भी पहुंच जाती है। यदि महीने के आधार पर देखा जाए, तो यह राशि 30,000 से 45,000 रुपये के बीच बैठती है, जो भारत में कई मध्यम-वर्गीय कॉर्पोरेट नौकरियों के शुरुआती वेतन से कहीं अधिक है। प्रेम मंदिर, जो अपनी वास्तुकला और भव्यता के लिए विश्व प्रसिद्ध है, हर साल लाखों पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोग जब भी भारत यात्रा पर जाते हैं, तो वृंदावन उनकी सूची में शीर्ष पर होता है। इस वीडियो ने भारत की 'अनौपचारिक अर्थव्यवस्था' (Informal Economy) के उस पहलू को उजागर किया है, जो अक्सर आंकड़ों में दर्ज नहीं हो पाता। मंदिर के बाहर फूल बेचने वाले, प्रसाद की दुकानें और टीका लगाने वाले लोग इस धार्मिक पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग लड़के की मेहनत और उद्यमशीलता की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि यह कमाई भारत की आर्थिक असमानता और रोजगार के बदलते स्वरूप को दर्शाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर बढ़ती भीड़ ने स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए, ऐसी खबरें भारत के जमीनी हकीकत से जुड़ाव महसूस कराती हैं। यह वीडियो केवल कमाई के बारे में नहीं है, बल्कि यह उस जीवंत संस्कृति और श्रद्धा का भी प्रतीक है जो सदियों से भारत के तीर्थस्थलों की पहचान रही है। वृंदावन की गलियों में टीका लगाना केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि वहां की परंपरा का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है, जो अब डिजिटल युग में एक नई चर्चा का विषय है।
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