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अमेरिकी सीनेट ने $70 अरब का आव्रजन प्रवर्तन विधेयक पारित किया, ट्रंप के 'सेटलमेंट फंड' पर नहीं लगी कोई सीमा
ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 12:30 am

अमेरिकी सीनेट ने आव्रजन प्रवर्तन के लिए 70 अरब डॉलर का बजट मंजूर किया है, जिसमें सीमा सुरक्षा और निर्वासन के लिए भारी निवेश का प्रावधान है।
अमेरिकी सीनेट ने आव्रजन और सीमा सुरक्षा के लिए 70 अरब डॉलर के एक बड़े बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 52-47 के बहुमत से पारित यह विधेयक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान आव्रजन सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) और सीमा गश्ती दल की गतिविधियों को व्यापक वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। इस विधेयक की सबसे चर्चित विशेषता 1.776 अरब डॉलर का वह 'सेटलमेंट फंड' है, जिस पर नियंत्रण को लेकर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर ही काफी खींचतान देखने को मिली थी।
इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य अमेरिका की दक्षिणी सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करना और आंतरिक आव्रजन कानूनों को सख्ती से लागू करना है। आलोचकों और विपक्षी दलों ने ट्रंप प्रशासन को बिना किसी कड़े प्रतिबंध के इतनी बड़ी राशि सौंपने पर चिंता जताई थी, लेकिन अंततः सत्ताधारी पक्ष इसे अपनी शर्तों पर पारित कराने में सफल रहा। रिपब्लिकन पार्टी के भीतर चले लंबे विवाद के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन को आव्रजन संबंधी कानूनी मामलों और बस्तियों के प्रबंधन के लिए वित्तीय स्वायत्तता प्राप्त होगी।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय और वैश्विक प्रवासियों के लिए इस विकास के गहरे मायने हैं। हालांकि यह कानून सीधे तौर पर ऑस्ट्रेलिया को प्रभावित नहीं करता, लेकिन यह अमेरिका की बदलती आव्रजन नीति की दिशा को स्पष्ट करता है। अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के हजारों लोग, विशेष रूप से वे जो वीज़ा श्रेणियों या ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा में हैं, इस कड़े प्रवर्तन बजट के प्रभाव को महसूस कर सकते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका की यह सख्ती अन्य पश्चिमी देशों, जैसे ऑस्ट्रेलिया, में भी भविष्य की आव्रजन नीतियों पर बहस छेड़ सकती है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदायों के लिए यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक स्तर पर आव्रजन कानूनों में बदलाव अक्सर एक श्रृंखला प्रभाव (chain reaction) पैदा करते हैं। अमेरिका द्वारा 'निर्वासन' और 'सीमा सुरक्षा' पर इतना भारी निवेश करना अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं के प्रवास के पैटर्न को बदल सकता है। अब यह विधेयक प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) में जाएगा, जहां इस पर अंतिम मुहर लगनी बाकी है।
इस विधेयक के पारित होने के बाद प्रशासन के पास आव्रजन हिरासत केंद्रों के विस्तार और सीमा पर तकनीकी बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए पर्याप्त संसाधन होंगे। मानवाधिकार समूहों ने चेतावनी दी है कि बिना उचित निगरानी के इस फंड का उपयोग प्रवासियों के अधिकारों का उल्लंघन कर सकता है। वहीं, समर्थकों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह एक आवश्यक कदम है। आने वाले महीनों में इस बजट का क्रियान्वयन वैश्विक आव्रजन परिदृश्य को एक नया मोड़ दे सकता है।
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