राजनीति
ट्रम्प-एपस्टीन ईमेल लॉग को लेकर अमेरिकी कांग्रेस में तीखी बहस: रिपब्लिकन वकील टॉड ब्लांच से पूछताछ
ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 12:30 am

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सुनवाई के दौरान कांग्रेस सदस्य मेडेलिन डीन ने टॉड ब्लांच से जेफ्री एपस्टीन मामले से जुड़े दस्तावेजों और पारदर्शिता पर कड़े सवाल पूछे।
वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी हाउस एप्रोप्रिएशन कमेटी की हालिया सुनवाई के दौरान राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब कांग्रेस सदस्य मेडेलिन डीन ने कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांच का सामना किया। इस बहस का मुख्य केंद्र कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से संबंधित दस्तावेजों की गोपनीयता और उन्हें सार्वजनिक करने की प्रक्रिया थी। डीन ने विशेष रूप से उन ईमेल लॉग्स का उल्लेख किया जो कथित तौर पर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और एपस्टीन के बीच संबंधों की ओर इशारा करते हैं।
सुनवाई के दौरान मेडेलिन डीन ने न्याय विभाग (DOJ) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि एपस्टीन जांच से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए हैं। उन्होंने 'यंग गर्ल्स ऑन प्लेन' (विमान में कम उम्र की लड़कियां) जैसे संदर्भों का उपयोग करते हुए जवाबदेही की मांग की। यह मामला न केवल अमेरिका में बल्कि वैश्विक स्तर पर, विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और हाई-प्रोफाइल न्याय प्रणालियों में गहरी रुचि रखते हैं।
टॉड ब्लांच ने विभाग के रुख का बचाव करते हुए स्पष्ट किया कि प्रकटीकरण की प्रक्रियाएं कानूनी प्रोटोकॉल के अधीन हैं। उन्होंने कहा कि विभाग वर्तमान में चल रही समीक्षाओं और दस्तावेजों को जारी करने की प्रक्रियाओं का पालन कर रहा है। हालांकि, डीन के तीखे सवालों ने यह स्पष्ट कर दिया कि सांसदों के बीच इस बात को लेकर भारी असंतोष है कि सरकार ने इस संवेदनशील मामले को कैसे संभाला है।
ऑस्ट्रेलियाई परिप्रेक्ष्य से देखें तो सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में रहने वाले प्रवासी भारतीय अक्सर अंतरराष्ट्रीय बाल सुरक्षा और प्रभावशाली हस्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जैसे मुद्दों पर मुखर रहते हैं। एपस्टीन मामला, जिसमें दुनिया के कई शक्तिशाली लोगों के नाम जुड़े हैं, न्याय में होने वाली देरी और शक्तिशाली लोगों को मिलने वाले कथित संरक्षण के खिलाफ एक वैश्विक प्रतीक बन गया है।
इस टकराव ने अमेरिकी राजनीति में पारदर्शिता के संघर्ष को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। मेडेलिन डीन का कड़ा रुख यह दर्शाता है कि जेफ्री एपस्टीन के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग और इस नेटवर्क के पीछे के प्रभावशाली चेहरों को बेनकाब करने का दबाव कम नहीं हुआ है। आने वाले हफ्तों में न्याय विभाग पर इन फाइलों को सार्वजनिक करने का दबाव और बढ़ने की संभावना है।
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