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अमेरिकी कांग्रेस ने ट्रम्प की आव्रजन नीतियों के लिए 70 अरब डॉलर की राशि को दी मंजूरी
ICN24 Newsroom 10 जून 2026, 01:31 pm

अमेरिकी कांग्रेस ने आव्रजन प्रवर्तन के लिए 70 अरब डॉलर का बजट पारित किया है, जिससे बड़े पैमाने पर निर्वासन की योजना को बल मिलेगा। विपक्षी डेमोक्रेट्स ने इसे बिना जवाबदेही वाला कदम बताया है।
वाशिंगटन डीसी में एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत, अमेरिकी कांग्रेस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आव्रजन प्रवर्तन एजेंडे के लिए 70 अरब डॉलर के भारी-भरकम बजट को अपनी मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण फंडिंग का उद्देश्य देश की सीमाओं को सुरक्षित करना और उन कड़े आव्रजन नियमों को लागू करना है, जिनका वादा राष्ट्रपति ने अपने चुनावी अभियान के दौरान किया था। यह फैसला न केवल अमेरिका के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रवासी समुदायों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
इस विधेयक के पारित होने के साथ ही रिपब्लिकन पार्टी ने आव्रजन नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी जीत हासिल की है। इस कोष का उपयोग मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा बढ़ाने, हिरासत केंद्रों की क्षमता विस्तार और अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों के निर्वासन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए किया जाएगा। हालांकि, इस फैसले ने देश में एक तीखी राजनीतिक बहस को भी जन्म दे दिया है। विपक्षी डेमोक्रेट्स ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है, उनका आरोप है कि यह प्रशासन को 'ब्लैंक चेक' देने जैसा है, जिससे बिना किसी निगरानी या नए नियमों के आक्रामक प्रवर्तन तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
डेमोक्रेटिक नेताओं का तर्क है कि बिना मानवीय सुरक्षा उपायों और सख्त निरीक्षण के इतनी बड़ी राशि का उपयोग मानवाधिकारों के उल्लंघन का कारण बन सकता है। उन्होंने चिंता जताई है कि नई नीतियां उन समुदायों को भी निशाना बना सकती हैं जो लंबे समय से अमेरिका में रह रहे हैं और देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं। सदन में बहस के दौरान विपक्षी सदस्यों ने कहा कि रिपब्लिकन प्रशासन को ऐसी शक्तियां दे रहे हैं जिनका उपयोग मनमाने ढंग से किया जा सकता है।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका की आव्रजन नीतियों का अक्सर अन्य पश्चिमी देशों, जैसे ऑस्ट्रेलिया, पर गहरा प्रभाव पड़ता है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे कई भारतीय प्रवासियों के रिश्तेदार अमेरिका में निवास करते हैं। नीतियों में इतनी बड़ी सख्ती वैश्विक प्रवासन रुझानों को बदल सकती है और वीजा प्रक्रियाओं को और अधिक जटिल बना सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा अपनाई गई आक्रामक नीतियां अन्य विकसित देशों के लिए भी एक मिसाल बन सकती हैं, जो भविष्य में अपनी आव्रजन प्रणालियों को और अधिक कड़ा कर सकते हैं।
फिलहाल, इस 70 अरब डॉलर के बजट के साथ ट्रम्प प्रशासन अपने 'क्रेकडाउन' अभियान को गति देने के लिए पूरी तरह तैयार है। आने वाले महीनों में प्रवर्तन एजेंसियों की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे अमेरिका में रह रहे बिना दस्तावेज़ वाले प्रवासियों के बीच अनिश्चितता का माहौल और गहरा सकता है।
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