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कानपुर देहात में अधिकारियों की लापरवाही पर भड़के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, डीएम को लगाई फटकार

ICN24 Newsroom 15 जून 2026, 07:01 pm
कानपुर देहात में अधिकारियों की लापरवाही पर भड़के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, डीएम को लगाई फटकार

सरवन खेड़ा के ग्राम कठेठी में रात्रि चौपाल के दौरान अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने नाराजगी जताई और डीएम को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान ने कानपुर देहात के सरवन खेड़ा ब्लॉक के ग्राम कठेठी में आयोजित 'रात्रि चौपाल' के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। जन शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई और महत्वपूर्ण बैठक से अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर मंत्री ने जिलाधिकारी (डीएम) को कड़ी फटकार लगाई और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्राम कठेठी में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे सुनना और शासन की योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाना था। हालांकि, जब मंत्री ने जनसमस्याओं पर चर्चा शुरू की, तो कई विभागों के जिम्मेदार अधिकारी मौके से नदारद पाए गए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राकेश सचान ने कहा कि सरकार की मंशा अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास पहुँचाना है, लेकिन अधिकारियों की इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने जिलाधिकारी आलोक सिंह को स्पष्ट निर्देश दिए कि जो अधिकारी बिना किसी पूर्व सूचना के चौपाल से गायब रहे हैं, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाए और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में जवाबदेही तय करना प्राथमिकता है। ग्रामीणों ने बिजली, सड़क और जल जीवन मिशन से जुड़ी कई शिकायतें मंत्री के समक्ष रखीं, जिसके बाद उन्होंने संबंधित विभागों को समय सीमा के भीतर समाधान निकालने की चेतावनी दी। विशेष रूप से, ग्रामीण विकास और राजस्व विभाग के कार्यों में देखी गई सुस्ती पर मंत्री ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी जनता के फोन नहीं उठाते या बैठकों में शामिल नहीं होते, तो वे अपने पद पर बने रहने के हकदार नहीं हैं। इस घटना ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में नौकरशाही और जनप्रतिनिधियों के बीच के तनाव को उजागर कर दिया है। प्रवासी भारतीय समुदाय, विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया में रह रहे उत्तर प्रदेश मूल के लोगों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे अपने पैतृक गांवों में विकास कार्यों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर बारीकी से नजर रखते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की 'रात्रि चौपाल' जैसी पहल का उद्देश्य भ्रष्टाचार को कम करना और सीधे संवाद स्थापित करना है, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारियों की बेरुखी अक्सर इन प्रयासों में बाधा डालती है।
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