लाइव
इमिकास्ट
इमिकास्ट

स्विट्जरलैंड में '10 मिलियन जनसंख्या सीमा' पर ऐतिहासिक जनमत संग्रह: क्या रुकेगी प्रवासन की रफ़्तार?

ICN24 Newsroom 14 जून 2026, 05:01 pm
स्विट्जरलैंड में '10 मिलियन जनसंख्या सीमा' पर ऐतिहासिक जनमत संग्रह: क्या रुकेगी प्रवासन की रफ़्तार?

स्विट्जरलैंड में रविवार को एक महत्वपूर्ण जनमत संग्रह हो रहा है, जिसमें देश की आबादी को 1 करोड़ तक सीमित करने और सख्त आव्रजन नियमों को लागू करने पर फैसला होगा।

स्विट्जरलैंड में रविवार को एक ऐतिहासिक जनमत संग्रह होने जा रहा है, जिसे कई विशेषज्ञ देश का 'ब्रेक्सिट क्षण' (Brexit Moment) करार दे रहे हैं। स्विस पीपुल्स पार्टी (SVP) द्वारा प्रस्तावित 'नो टू अ टेन-मिलियन स्विट्जरलैंड' पहल पर जनता अपनी राय देगी। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य देश की जनसंख्या को साल 2050 तक एक करोड़ (10 मिलियन) पर सीमित करना और प्रवासन (Immigration) पर कड़े संवैधानिक प्रतिबंध लगाना है। gfs.bern द्वारा जारी अंतिम पोल ट्रैकर के अनुसार, इस समय प्रस्ताव के विरोध में 52 प्रतिशत लोग हैं, जो यह दर्शाता है कि मुकाबला बेहद कड़ा है। यदि यह पहल पारित हो जाती है, तो यह स्विट्जरलैंड के भविष्य और यूरोपीय संघ (EU) के साथ उसके संबंधों को पूरी तरह बदल सकती है। यह घटनाक्रम ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी प्रासंगिक है, जहाँ प्रवासन और जनसंख्या प्रबंधन पर अक्सर तीखी बहस होती रहती है। प्रस्ताव के अनुसार, यदि स्विट्जरलैंड की जनसंख्या किसी भी समय 9.5 मिलियन तक पहुँचती है, तो सरकार को शरण (Asylum) और परिवार पुनर्मिलन (Family Reunification) से संबंधित कानूनों को तुरंत सख्त करना होगा। SVP का तर्क है कि अनियंत्रित प्रवासन से बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ रहा है, आवास की कमी हो रही है और स्विस संस्कृति को खतरा है। दक्षिणपंथी पार्टी का मानना है कि जनसंख्या को नियंत्रित करना पर्यावरण और संसाधनों के संरक्षण के लिए आवश्यक है। हालांकि, स्विस फेडरल काउंसिल, लगभग सभी अन्य राजनीतिक दल और प्रमुख व्यापारिक संगठन इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध कर रहे हैं। विरोधियों का कहना है कि जनसंख्या पर कृत्रिम सीमा लगाने से श्रम शक्ति की कमी हो जाएगी, जिससे स्विस अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होगा। सबसे महत्वपूर्ण चिंता यह है कि यदि यह पहल लागू होती है, तो स्विट्जरलैंड को यूरोपीय संघ के साथ अपने 'फ्रीडम ऑफ मूवमेंट' समझौते को फिर से बातचीत करनी होगी या उसे रद्द करना होगा। स्विट्जरलैंड के पर्यटन महासंघ और व्यापार संघों ने चेतावनी दी है कि कुशल श्रमिकों की कमी से होटल, तकनीकी क्षेत्र और विनिर्माण उद्योग बुरी तरह प्रभावित होंगे। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई संदर्भ में देखें तो यह बहस जानी-पहचानी लगती है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया भी वर्तमान में स्थायी प्रवासन संख्या और बुनियादी ढांचे के बीच संतुलन बनाने की चुनौती से जूझ रहा है। स्विट्जरलैंड का फैसला दुनिया भर के अन्य विकसित देशों के लिए एक मिसाल बन सकता है, जो प्रवासन के आर्थिक लाभों और सामाजिक स्थिरता के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

वन नेशन का बड़ा वादा: ऑस्ट्रेलियाई स्कूलों से 'वेलकम टू कंट्री' हटाने और देशभक्ति पर जोर देने की तैयारी
इमिग्रेशन

वन नेशन का बड़ा वादा: ऑस्ट्रेलियाई स्कूलों से 'वेलकम टू कंट्री' हटाने और देशभक्ति पर जोर देने की तैयारी

वन नेशन नेता पॉलीन हैनसन ने ऑस्ट्रेलियाई स्कूलों में देशभक्ति आधारित पाठ्यक्रम और 'वेलकम टू कंट्री' समारोहों को समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है।

30 जुल॰ 2026, 07:45 am
विकास रम्बल के पर्डामन ग्रुप की बड़ी पहल: ऑस्ट्रेलिया में दशकों बाद बन सकती है पहली बड़ी तेल रिफाइनरी
इमिग्रेशन

विकास रम्बल के पर्डामन ग्रुप की बड़ी पहल: ऑस्ट्रेलिया में दशकों बाद बन सकती है पहली बड़ी तेल रिफाइनरी

भारतीय मूल के उद्यमी विकास रम्बल के पर्डामन ग्रुप ने ऑस्ट्रेलिया की ईंधन सुरक्षा और स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कर्रथा में एक नई तेल रिफाइनरी का प्रस्ताव दिया है।

29 जुल॰ 2026, 05:27 am
'व्हाइट ऑस्ट्रेलिया पॉलिसी' खत्म होने से शुरू हुई आव्रजन की समस्याएं: पॉलीन हैंसन
इमिग्रेशन

'व्हाइट ऑस्ट्रेलिया पॉलिसी' खत्म होने से शुरू हुई आव्रजन की समस्याएं: पॉलीन हैंसन

वन नेशन नेता पॉलीन हैंसन ने दावा किया है कि ऑस्ट्रेलिया की मौजूदा आव्रजन चुनौतियां 1970 के दशक में 'व्हाइट ऑस्ट्रेलिया पॉलिसी' के अंत के साथ शुरू हुई थीं।

17 जुल॰ 2026, 09:27 am