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पर्थ स्टेडियम में आठ साल बाद लौटेगा शील्ड क्रिकेट; भारत के खिलाफ टेस्ट से पहले बड़ी तैयारी

ICN24 Newsroom 8 जुल॰ 2026, 09:31 am
पर्थ स्टेडियम में आठ साल बाद लौटेगा शील्ड क्रिकेट; भारत के खिलाफ टेस्ट से पहले बड़ी तैयारी

पर्थ के ऑप्टस स्टेडियम में आठ साल बाद शेफील्ड शील्ड क्रिकेट की वापसी हो रही है। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया और तस्मानिया के बीच यह मैच आगामी टेस्ट सीजन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर, पर्थ स्टेडियम (ऑप्टस स्टेडियम) आठ साल के लंबे अंतराल के बाद शेफील्ड शील्ड मैच की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया और तस्मानिया के बीच होने वाला यह मुकाबला अंतरराष्ट्रीय टेस्ट सीजन शुरू होने से ठीक पखवाड़े पहले आयोजित किया जाएगा। पर्थ में रहने वाले भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह खबर विशेष उत्साह लेकर आई है, क्योंकि यही मैदान जल्द ही भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली प्रतिष्ठित बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट की मेजबानी भी करेगा। आमतौर पर वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के घरेलू मैच ऐतिहासिक 'वाका' (WACA) ग्राउंड पर खेले जाते हैं। हालांकि, इस बार मुख्य स्टेडियम में शील्ड मैच आयोजित करने का निर्णय रणनीतिक माना जा रहा है। यह न केवल खिलाड़ियों को बड़े मैदान और आधुनिक सुविधाओं से रूबरू कराएगा, बल्कि पिच क्यूरेटरों को भी लाल गेंद के क्रिकेट के लिए पिच की उछाल और व्यवहार को समझने का मौका देगा। पर्थ की पिच अपनी गति और उछाल के लिए दुनिया भर में जानी जाती है, और भारत जैसी टीम के खिलाफ सीरीज शुरू होने से पहले स्थानीय परिस्थितियों का सही आकलन करना क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारतीय समुदाय के लिए इस मैच का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि पर्थ स्टेडियम ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट का नया केंद्र बनकर उभरा है। स्थानीय प्रशंसक, जो बड़ी संख्या में भारतीय टीम का समर्थन करते हैं, इस शील्ड मैच को आगामी टेस्ट मैच के 'ड्रेस रिहर्सल' के रूप में देख रहे हैं। वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की टीम में कई ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं जो राष्ट्रीय चयन के करीब हैं, और तस्मानिया के खिलाफ उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं की नजरों में रहेगा। इस मैच से यह भी साफ हो जाएगा कि क्या पर्थ की नई पिच पुराने 'वाका' की तरह ही खौफनाक रफ्तार बरकरार रख पाएगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि शील्ड क्रिकेट की बड़े स्टेडियम में वापसी से खेल की लोकप्रियता और बढ़ेगी। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट संघ (WACA) ने इस कदम का स्वागत किया है। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मैचों से पहले स्टेडियम की कार्यक्षमता और पिच की गुणवत्ता को परखने का इससे बेहतर तरीका नहीं हो सकता। पर्थ के खेल प्रेमियों के लिए यह आठ साल का इंतजार अब खत्म होने वाला है, और वे एक बार फिर प्रथम श्रेणी क्रिकेट की सघनता को इस भव्य स्टेडियम में महसूस कर सकेंगे। जैसे-जैसे टेस्ट सीरीज की तारीखें नजदीक आ रही हैं, पर्थ स्टेडियम का यह मैच तैयारी के अंतिम चरण के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय न केवल अपनी स्थानीय टीम वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया का समर्थन करने के लिए तैयार है, बल्कि उनकी नजरें उन बारीकियों पर भी टिकी हैं जो दिसंबर में होने वाले महामुकाबले में निर्णायक साबित हो सकती हैं। पर्थ में क्रिकेट का यह नया अध्याय खेल और प्रशंसकों के बीच के रिश्ते को और मजबूत करेगा।
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