राजनीति
RSS मुख्यालय और महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, 'खालिस्तानी' ईमेल के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
ICN24 Newsroom 10 जून 2026, 09:00 pm
महाराष्ट्र और गुजरात में प्रमुख संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से आए इन ईमेल के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
महाराष्ट्र और गुजरात में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब कई प्रमुख सरकारी और धार्मिक संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए। इन धमकियों के केंद्र में नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय, मुंबई में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), बॉम्बे हाईकोर्ट और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) जैसी महत्वपूर्ण इमारतें शामिल थीं। इसके अलावा पुणे और अहमदाबाद के मेयर कार्यालयों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, ये ईमेल कथित तौर पर 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' नामक एक अज्ञात समूह की ओर से भेजे गए हैं। इस घटना के तुरंत बाद महाराष्ट्र और गुजरात पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। प्रभावित इमारतों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और एहतियात के तौर पर कुछ जगहों को खाली कराकर गहन तलाशी अभियान चलाया गया। नागपुर में संघ मुख्यालय के आसपास के सुरक्षा घेरे को और मजबूत कर दिया गया है।
मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ईमेल की भाषा और उसके स्रोत की जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा या दहशत फैलाने की कोशिश लग रही है। हालांकि, पुलिस किसी भी संभावना को हल्के में नहीं ले रही है। अहमदाबाद नगर निगम (AMC) मुख्यालय में भी इसी तरह की धमकी मिलने के बाद वहां बम निरोधक दस्ते ने तलाशी ली।
यह घटनाक्रम भारत में आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। पिछले कुछ महीनों में देश के विभिन्न हिस्सों में विमानों, स्कूलों और अब महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों को मिलने वाली धमकियों में इजाफा हुआ है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन धमकियों का उद्देश्य नागरिक जीवन में असुरक्षा का भाव पैदा करना और महत्वपूर्ण संस्थानों के कामकाज को बाधित करना है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह चिंता का विषय है, क्योंकि खालिस्तानी गतिविधियों का प्रभाव हाल के समय में विदेशों में भी देखा गया है। प्रवासी भारतीयों ने अक्सर भारत की अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की धमकियों के पीछे छिपे वास्तविक तत्वों की पहचान करना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल, दोनों राज्यों की पुलिस ने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है।
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