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पंजाब के सभी शिक्षण संस्थानों का होगा फायर ऑडिट, हाई कोर्ट के निर्देश पर आपातकालीन तैयारियों की जांच
ICN24 Newsroom 15 जुल॰ 2026, 04:31 am

पंजाब सरकार ने उच्च न्यायालय के निर्देश पर सभी स्कूलों और कोचिंग सेंटरों के लिए अनिवार्य फायर ऑडिट और सुरक्षा जांच का आदेश दिया है।
चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने राज्य भर के शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के कड़े निर्देशों के बाद, अब राज्य के सभी स्कूलों, कॉलेजों और निजी कोचिंग सेंटरों का व्यापक 'फायर ऑडिट' (अग्नि सुरक्षा समीक्षा) किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में संस्थान छात्रों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं या नहीं।
हाल के वर्षों में भारत के विभिन्न हिस्सों में शिक्षण संस्थानों और कोचिंग सेंटरों में हुई दुखद अग्नि घटनाओं ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। इसी पृष्ठभूमि में, माननीय उच्च न्यायालय ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि वह राज्य में चल रहे संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करे। इस ऑडिट प्रक्रिया में पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) और स्थानीय प्रशासन की टीमें मिलकर काम करेंगी।
ऑडिट के दौरान मुख्य रूप से बिजली के तारों की स्थिति, लोड प्रबंधन और अग्नि शमन उपकरणों की उपलब्धता की जांच की जाएगी। कई पुराने भवनों में बिजली की वायरिंग पुरानी होने के कारण शॉर्ट-सर्किट का खतरा बना रहता है, जो अक्सर आग लगने का प्राथमिक कारण होता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों के पास वैध 'फायर एनओसी' (अनापत्ति प्रमाणपत्र) नहीं होगा, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, जो संस्थान नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
इस कदम का भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय में भी व्यापक स्वागत होने की उम्मीद है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे कई प्रवासी भारतीयों के बच्चे या रिश्तेदार पंजाब के विभिन्न शहरों जैसे चंडीगढ़, लुधियाना और अमृतसर में उच्च शिक्षा या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में 'ऑक्युपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी' (OHS) के कड़े मानकों के आदी हो चुके प्रवासी अक्सर भारत में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित रहते हैं। पंजाब सरकार की यह पहल न केवल स्थानीय अभिभावकों को बल्कि विदेशी भारतीयों को भी मानसिक शांति प्रदान करेगी कि उनके परिजन सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह ऑडिट केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं होगी, बल्कि इसमें आपातकालीन निकास द्वारों (Emergency Exits), स्प्रिंकलर सिस्टम और अलार्म की कार्यक्षमता का वास्तविक परीक्षण किया जाएगा। कोचिंग सेंटरों, जो अक्सर भीड़भाड़ वाले इलाकों और संकरी गलियों में संचालित होते हैं, पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार ने सभी संस्थानों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर अपनी खामियों को सुधारने का मौका दिया है, जिसके बाद औचक निरीक्षण किया जाएगा।
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