राजनीति
पटना कोचिंग विवाद: खान सर को अदालत से बड़ी राहत, मिली अग्रिम जमानत
ICN24 Newsroom 13 जुल॰ 2026, 06:31 pm

पटना की एक दीवानी अदालत ने सोमवार को चर्चित शिक्षक खान सर को कोचिंग सेंटर विवाद और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत दे दी है।
बिहार की राजधानी पटना में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम में, दीवानी अदालत ने सोमवार को चर्चित शिक्षक और यूट्यूबर खान सर को बड़ी राहत प्रदान की है। अदालत ने 'कोचिंग सेंटर विवाद' और उसके बाद हुए छात्र आंदोलनों से संबंधित एक मामले में उनकी अग्रिम जमानत अर्जी को मंजूर कर लिया है। यह फैसला सोमवार को उस समय आया जब अदालत ने इस मामले पर अपना सुरक्षित रखा गया फैसला सुनाया।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में कोर्ट का फैसला पहले पिछले शुक्रवार को ही आने की उम्मीद थी, लेकिन तकनीकी कारणों या अदालती प्रक्रिया के चलते इसे सोमवार तक के लिए टाल दिया गया था। खान सर, जो अपनी विशिष्ट शिक्षण शैली के लिए न केवल भारत बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीय छात्रों के बीच भी बेहद लोकप्रिय हैं, पर आरोप था कि उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया के खिलाफ छात्रों को विरोध प्रदर्शन के लिए कथित तौर पर उकसाया था।
मामले की जड़ें पिछले कुछ समय से चल रहे उन विरोध प्रदर्शनों में हैं, जहाँ बड़ी संख्या में छात्र रेलवे और अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं के नियमों में बदलाव की मांग कर रहे थे। इन प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के बाद, पुलिस ने कई प्रमुख कोचिंग संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी। पुलिस का तर्क था कि खान सर जैसे प्रभावशाली शिक्षकों के बयानों और वीडियो के कारण स्थिति अनियंत्रित हुई। हालांकि, बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि खान सर ने हमेशा छात्रों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की सलाह दी है और हिंसा में उनकी कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका नहीं रही है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय, विशेष रूप से बिहार और उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर काफी अहमियत रखती है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले कई भारतीय छात्र और पेशेवर, जो भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अपने छोटे भाई-बहनों या रिश्तेदारों के संपर्क में रहते हैं, खान सर के वीडियो का अनुसरण करते हैं। डिजिटल शिक्षा के इस दौर में खान सर की पहुंच वैश्विक हो चुकी है, जिसके कारण ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय मूल के लोगों के बीच भी उनके कानूनी मामलों को लेकर चिंता बनी हुई थी।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अग्रिम जमानत मिलने से खान सर को पुलिसिया गिरफ्तारी से सुरक्षा मिलेगी, जिससे वे अपने शिक्षण कार्यों को जारी रख सकेंगे। अदालत के इस फैसले को कोचिंग जगत के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि इससे शिक्षण संस्थानों और प्रशासन के बीच के तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल, इस जमानत के साथ कुछ शर्तें भी जुड़ी हो सकती हैं, जिनमें जांच में सहयोग करना और बिना अनुमति शहर न छोड़ना शामिल हो सकता है। यह मामला आगामी दिनों में बिहार की राजनीति और शिक्षा क्षेत्र के लिए चर्चा का केंद्र बना रहेगा।
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