लाइव
राजनीति
राजनीति

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: प्रधानमंत्री मोदी ने 1947 के पीड़ितों के साहस और बलिदान को किया नमन

ICN24 Newsroom 14 अग॰ 2026, 03:37 pm
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: प्रधानमंत्री मोदी ने 1947 के पीड़ितों के साहस और बलिदान को किया नमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' पर उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने 1947 के विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाई और विस्थापन का दंश झेला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' (Partition Horrors Remembrance Day) के अवसर पर 1947 के भारत विभाजन के दौरान प्रभावित हुए लाखों लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए एक संदेश में उन सभी लोगों के साहस को सलाम किया, जिन्होंने इतिहास के उस कठिन दौर में अपनी जान गंवाई और अकल्पनीय कष्ट सहे। उन्होंने इस दिन को न केवल दुख के प्रतीक के रूप में, बल्कि देश की एकता और सद्भाव के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने के अवसर के रूप में रेखांकित किया। भारत सरकार ने साल 2021 में औपचारिक रूप से 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इसका मुख्य उद्देश्य वर्तमान और भावी पीढ़ियों को उस दौर की हिंसा और जबरन विस्थापन की याद दिलाना है, जिसने लाखों परिवारों को उजाड़ दिया था। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह दिन हमें भेदभाव, शत्रुता और वैमनस्य के जहर को खत्म करने की याद दिलाता है, ताकि भविष्य में कभी भी ऐसी मानवीय त्रासदी न दोहराई जाए। विभाजन की यह विभीषिका न केवल भारत के इतिहास का एक काला अध्याय है, बल्कि यह उन करोड़ों परिवारों की व्यक्तिगत कहानियों का संग्रह भी है, जिन्होंने अपनी जड़ें खो दीं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह दिन विशेष महत्व रखता है। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में रहने वाले कई पंजाबी, बंगाली और सिंधी परिवारों की जड़ें सीधे तौर पर विभाजन की घटनाओं से जुड़ी हुई हैं। ऑस्ट्रेलियाई-भारतीय समुदाय के बुजुर्गों के पास आज भी विस्थापन, संघर्ष और नए सिरे से जीवन शुरू करने की अनगिनत कहानियाँ हैं, जो नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं। विद्वानों और इतिहासकारों का मानना है कि 1947 का विभाजन आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े मानव विस्थापनों में से एक था। इसमें लगभग 10 से 20 मिलियन लोग प्रभावित हुए थे। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि उन लोगों की यादों को संजोना जरूरी है जिन्होंने हिंसा का सामना किया, ताकि भारत एक एकजुट और समावेशी राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ सके। यह दिवस भारतीय डायस्पोरा को अपनी साझा विरासत और उन पूर्वजों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर देता है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी संस्कृति और पहचान को जीवित रखा। देशभर में इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों और संगोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ विभाजन के साक्षी रहे लोगों के अनुभवों को साझा किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस तरह के स्मरणोत्सव से सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है और आने वाली पीढ़ियाँ इतिहास के इन महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत होती हैं।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

'देश का हो सम्मान': सिया सचदेव ने भारतीयों और प्रवासी समुदाय से की राष्ट्रीय गौरव बनाए रखने की अपील
राजनीति

'देश का हो सम्मान': सिया सचदेव ने भारतीयों और प्रवासी समुदाय से की राष्ट्रीय गौरव बनाए रखने की अपील

सिया सचदेव ने राष्ट्रीय गरिमा और सामुदायिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए भारतीयों, विशेषकर प्रवासी समुदाय से देश का मान बढ़ाने का आह्वान किया है।

14 अग॰ 2026, 04:37 pm
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- 'एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें'
राजनीति

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- 'एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 के बंटवारे के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी और देशवासियों से एकजुटता की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।

14 अग॰ 2026, 02:37 pm
हरियाली तीज 2026: जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए इसका महत्व
राजनीति

हरियाली तीज 2026: जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए इसका महत्व

2026 में हरियाली तीज 15 अगस्त को मनाई जाएगी। भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का यह पर्व विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है।

14 अग॰ 2026, 01:38 pm