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भारत-अमेरिका निर्वासन: साल 2026 में अब तक 1,000 से अधिक भारतीयों को अमेरिका से वापस भेजा गया

ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 06:30 am
भारत-अमेरिका निर्वासन: साल 2026 में अब तक 1,000 से अधिक भारतीयों को अमेरिका से वापस भेजा गया

विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि 2026 में अब तक 1,076 भारतीयों को अमेरिका से निर्वासित किया गया है। भारत और अमेरिका अवैध प्रवासन को रोकने के लिए निरंतर संपर्क में हैं।

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका के साथ मिलकर अवैध प्रवासन को रोकने और कानूनी यात्रा को सुगम बनाने के लिए कड़े कदम उठा रही है। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक कुल 1,076 भारतीय नागरिकों को संयुक्त राज्य अमेरिका से वापस भारत निर्वासित (डिपोर्ट) किया गया है। साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में निर्वासन की संख्या में कमी देखी गई है। साल 2025 में कुल 3,567 भारतीयों को अमेरिका से वापस भेजा गया था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नई दिल्ली और वाशिंगटन प्रवासन और गतिशीलता (Migration and Mobility) के मुद्दों पर निरंतर उच्च स्तरीय बातचीत कर रहे हैं। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य शिक्षा और रोजगार के लिए वैध यात्रा को बढ़ावा देना और अवैध घुसपैठ पर लगाम लगाना है। प्रवक्ता ने कहा, "हम प्रवासन और गतिशीलता के संबंध में अमेरिका के साथ निरंतर संवाद में हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कानूनी प्रवासन को सुगम बनाया जाए और अवैध प्रवासन को रोका जाए।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार केवल उन नागरिकों को वापस लेती है जिनकी भारतीय राष्ट्रीयता उचित दस्तावेजों और सत्यापन के माध्यम से पुष्ट हो जाती है। हालिया प्रवर्तन कार्रवाई का उल्लेख करते हुए अधिकारियों ने बताया कि 21 मई, 2026 को लॉस एंजिल्स में 'इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट' (ICE) ने 26 वर्षीय भारतीय नागरिक परमिंदरपाल सिंह को गिरफ्तार किया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, जिसमें वाहन चोरी, बड़ी चोरी, तोड़फोड़ और अतिक्रमण जैसे आरोप शामिल हैं। वर्तमान में वह हिरासत में है और उसके निर्वासन की प्रक्रिया चल रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में, विशेषकर ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों में भारतीय समुदाय की आबादी बढ़ रही है। ऑस्ट्रेलियाई भारतीय समुदाय के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण संदेश है, क्योंकि वहां भी वीजा नियमों के उल्लंघन और अवैध प्रवास पर सरकारें सख्त रुख अपना रही हैं। ऑस्ट्रेलिया में भी अवैध प्रवासन को लेकर हाल के वर्षों में जांच तेज हुई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षित और कानूनी मार्ग ही विदेश में बसने का एकमात्र स्थायी तरीका है। विदेश मंत्रालय ने पुनः दोहराया कि भारत अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का सम्मान करता है और अपने उन नागरिकों की वापसी में पूर्ण सहयोग करता है जो विदेश में अवैध रूप से रह रहे हैं, बशर्ते उनकी पहचान सत्यापित हो। इससे पहले भी अमेरिका में 30 भारतीय ट्रक ड्राइवरों को अवैध प्रवासन के मामले में हिरासत में लिया गया था, जिनके निर्वासन के आदेश दिए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य सुरक्षित और व्यवस्थित प्रवासन सुनिश्चित करना है ताकि भारतीय नागरिकों के हितों की रक्षा हो सके।
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