ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
ओड़िशा में स्वास्थ्य क्रांति: 1.6 करोड़ महिलाओं और बच्चों को दी जाएगी कृमि मुक्ति की दवा
ICN24 Newsroom 8 अग॰ 2026, 06:37 am

ओड़िशा सरकार और यूनिसेफ ने 1.6 करोड़ लाभार्थियों को कृमि मुक्त करने के लिए एक विशाल अभियान की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य एनीमिया और कुपोषण को जड़ से मिटाना है।
ओड़िशा सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण निदेशालय ने राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 'राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस' (NDD) कार्यक्रम की घोषणा की है। यूनिसेफ (UNICEF) के सहयोग से संचालित होने वाले इस अभियान के तहत राज्य भर में लगभग 1.6 करोड़ महिलाओं और बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बढ़ते एनीमिया (रक्तअल्पता) के मामलों को कम करना और परजीवी संक्रमण से होने वाली बीमारियों पर रोक लगाना है।
आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह विशाल टीकाकरण और स्वास्थ्य अभियान 10 अगस्त, 2026 को पूरे राज्य में एक साथ शुरू किया जाएगा। वे लाभार्थी जो किसी कारणवश 10 अगस्त को दवा लेने से चूक जाएंगे, उनके लिए 17 अगस्त, 2026 को एक 'मॉप-अप' राउंड आयोजित किया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर या केंद्रों पर मौजूद रहकर यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी पात्र व्यक्ति छूटने न पाए। ओड़िशा सरकार ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों का एक विस्तृत नेटवर्क तैयार किया है।
परजीवी कृमि संक्रमण एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बाधित करती है। यह शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को कम कर देता है, जिससे एनीमिया और कुपोषण जैसी स्थितियां पैदा होती हैं। ओड़िशा जैसे राज्य में, जहां ग्रामीण आबादी का एक बड़ा हिस्सा कृषि और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर है, वहां स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता के अभाव में ये संक्रमण अक्सर फैल जाते हैं। सरकार का यह कदम न केवल स्वास्थ्य सुधार की दिशा में है, बल्कि यह बच्चों की स्कूल में उपस्थिति और सीखने की क्षमता में सुधार लाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण निवेश है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय, विशेष रूप से ओड़िशा मूल के लोगों के लिए अपने गृह राज्य से आने वाली यह खबर गर्व का विषय है। प्रवासी भारतीय अक्सर भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे में सुधार और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गहरी रुचि रखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यूनिसेफ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी ओड़िशा के स्वास्थ्य मॉडल को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने में मदद करती है।
राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि दवा का वितरण पूरी तरह से सुरक्षित और प्रमाणित है। शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है ताकि वे दवा की खुराक और उसके संभावित मामूली दुष्प्रभावों को सही ढंग से संभाल सकें। यह अभियान भारत के 'एनीमिया मुक्त भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य का एक अभिन्न हिस्सा है।
संबंधित ख़बरें

ब्रेकिंगब्रेकिंग
फरीदाबाद: जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए डिवीजन कार्यालयों में अब रातभर तैनात रहेंगे कर्मचारी
फरीदाबाद प्रशासन ने बुनियादी सेवाओं में सुधार के लिए कड़ा कदम उठाते हुए डिवीजन कार्यालयों में कर्मचारियों की रातभर तैनाती के आदेश दिए हैं।
8 अग॰ 2026, 07:37 am

ब्रेकिंगब्रेकिंग
पालघर कोर्ट का बड़ा फैसला: 9 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को मौत की सजा, अदालत ने बताया 'दुर्लभतम से दुर्लभ' मामला
महाराष्ट्र के पालघर की एक विशेष अदालत ने 9 साल की बच्ची के साथ जघन्य अपराध करने वाले दोषी को मृत्युदंड सुनाया है। कोर्ट ने इसे समाज के लिए कलंक बताया।
8 अग॰ 2026, 05:37 am

ब्रेकिंगब्रेकिंग
'बारीकी से नजर बनाए हुए हैं': तुर्की-पाकिस्तान-सऊदी अरब के रक्षा समझौते पर भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस घटनाक्रम की निगरानी कर रहा है।
8 अग॰ 2026, 04:39 am
