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ओडिशा: केंद्रपाड़ा में बीडीओ पर काम रोकने और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच
ICN24 Newsroom 15 जून 2026, 09:01 pm
ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में एक बीडीओ पर आधिकारिक कर्तव्यों का पालन न करने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है, जिससे प्रशासनिक हलकों में विवाद छिड़ गया है।
ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले से प्रशासनिक अनियमितता और सरकारी अधिकारी द्वारा दुर्व्यवहार का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय ब्लॉक विकास अधिकारी (बीडीओ) पर आरोप लगा है कि उन्होंने न केवल अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करने से इनकार किया, बल्कि उनके व्यवहार को लेकर भी गंभीर शिकायतें दर्ज की गई हैं। यह मामला तब चर्चा में आया जब चमेली ओझा नामक महिला और अन्य संबंधित पक्षों ने अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रपाड़ा में तैनात बीडीओ के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, मामला तब बिगड़ा जब अधिकारी ने निर्धारित विकास कार्यों और जनहित से जुड़ी फाइलों पर कार्रवाई करने से कथित तौर पर मना कर दिया। इस घटना ने क्षेत्र में प्रशासनिक कामकाज को ठप कर दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी असंतोष व्याप्त है। ओडिशा टीवी (OTV) की रिपोर्ट के अनुसार, इस विवाद में पुलिस हस्तक्षेप की मांग की गई है ताकि सच सामने आ सके।
भारत में प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा हमेशा से संवेदनशील रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में, बीडीओ जैसे अधिकारियों की भूमिका विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जब ऐसे पदों पर बैठे अधिकारी काम करने से मना करते हैं या आम जनता के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, तो इसका सीधा असर बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ता है। केंद्रपाड़ा की इस घटना ने एक बार फिर 'गुड गवर्नेंस' या सुशासन की दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर चिंता का विषय है। प्रवासी भारतीय अक्सर अपने पैतृक गांवों और जिलों के विकास से भावनात्मक रूप से जुड़े होते हैं। केंद्रपाड़ा और ओडिशा के अन्य हिस्सों से ताल्लुक रखने वाले प्रवासी ओडिया समुदाय ने सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका मानना है कि पारदर्शी प्रशासन ही राज्य की प्रगति का आधार है। पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है और अधिकारी के पक्ष को जानने की कोशिश की जा रही है।
इस मामले में अभी विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि विकास कार्य किसी व्यक्तिगत विवाद या अधिकारी की मनमानी के कारण बाधित न हों। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि कानून के मुताबिक उचित कदम उठाए जाएंगे।
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