राजनीति
नीट पेपर लीक मामला: कांग्रेस का जोरदार विरोध प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
ICN24 Newsroom 22 जुल॰ 2026, 04:35 am

नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) में कथित धांधली और प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर देश भर में राजनीतिक पारा गरमाया हुआ है। इसी कड़ी में, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार शाम को जयपुर के आंबेडकर सर्किल पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि परीक्षा के संचालन में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे लाखों मेधावी छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की विश्वसनीयता अब संदेह के घेरे में है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और जिम्मेदारी तय नहीं की जाती, तब तक कांग्रेस अपना विरोध जारी रखेगी।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब नीट-यूजी 2024 के परिणामों में असामान्य रूप से बड़ी संख्या में छात्रों को पूरे अंक मिले और कुछ केंद्रों पर समय की कमी के कारण ग्रेस मार्क्स दिए जाने की खबरें आईं। इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों से प्रश्नपत्र लीक होने की खबरें सामने आईं, जिसने विवाद को और हवा दी। राजस्थान सहित कई राज्यों में छात्र और अभिभावक सड़कों पर उतर आए हैं।
इस मामले का असर केवल भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में रह रहे भारतीय समुदाय के बीच भी गहरी चिंता का विषय बना हुआ है। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में रह रहे भारतीय प्रवासी, जिनके बच्चे अक्सर उच्च शिक्षा के लिए भारत की प्रतियोगी परीक्षाओं पर नजर रखते हैं, इस घटनाक्रम को गंभीरता से देख रहे हैं। भारतीय मूल के कई परिवारों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस तरह की घटनाएं भारतीय शिक्षा प्रणाली की वैश्विक छवि को प्रभावित करती हैं।
कांग्रेस का कहना है कि सरकार को इस मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में करानी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। पार्टी ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय और एनटीए युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने कहा है कि वह किसी भी दोषी को बख्शेगी नहीं और मामले की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है। हालांकि, विपक्ष इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं है और वह मंत्री के इस्तीफे पर अड़ा हुआ है।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
सोनम वांगचुक और सीमावर्ती नेतृत्व: भारतीय लोकतंत्र में 'वफादारी' की कठिन कसौटी
लद्दाख के सोनम वांगचुक और भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों के नेताओं को अक्सर अपनी निष्ठा साबित करने के लिए दबाव का सामना करना पड़ता है, जो भारतीय लोकतंत्र की विविधता के लिए एक चुनौती है।
23 जुल॰ 2026, 06:35 am

राजनीति
NEET विवाद: असम कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद में चर्चा की मांग
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में गुवाहाटी में विशाल रैली निकाली और केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
23 जुल॰ 2026, 05:35 am

राजनीति
आंदोलन के नाम पर अराजकता लोकतंत्र नहीं, जनहित के लिए संवाद जरूरी: तरुण मिश्र
तरुण मिश्र ने हालिया छात्र प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों का समाधान सड़कों पर टकराव के बजाय सार्थक संवाद से निकलना चाहिए।
23 जुल॰ 2026, 04:35 am

