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NEET विवाद: असम कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद में चर्चा की मांग

ICN24 Newsroom 23 जुल॰ 2026, 05:35 am
NEET विवाद: असम कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद में चर्चा की मांग

असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में गुवाहाटी में विशाल रैली निकाली और केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

गुवाहाटी: नीट (NEET-UG) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशव्यापी आक्रोश के बीच, असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) ने बुधवार को गुवाहाटी की सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की और इस संवेदनशील मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व असम विधानसभा में विपक्ष के नेता वाजेद अली चौधरी ने किया। रैली की शुरुआत गुवाहाटी स्थित राजीव भवन से हुई, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता हाथों में पार्टी का झंडा और केंद्र विरोधी पोस्टर लेकर जमा हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा के आयोजन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री को इस विवाद की 'नैतिक जिम्मेदारी' लेते हुए अपने पद से हट जाना चाहिए। इस प्रदर्शन में असम विधानसभा के कई वरिष्ठ विधायक भी शामिल हुए, जिनमें विपक्ष के उपनेता डॉ. जयंत प्रकाश दास, जाकिर हुसैन सिकदर, नुरुल हुदा, बेबी बेगम, आसिफ नज़र, जुबैर अनम और तंजील हुसैन प्रमुख थे। नेताओं ने जोर देकर कहा कि इन अनियमितताओं ने देश भर के लाखों मेधावी छात्रों और उनके परिवारों के भरोसे को तोड़ दिया है। उन्होंने मांग की कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) को केंद्र सरकार तुरंत वापस ले। ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय के लिए भी यह मुद्दा चिंता का विषय बना हुआ है। प्रवासी भारतीयों का एक बड़ा वर्ग अपने परिवार और सगे-संबंधियों के माध्यम से भारत की शिक्षा प्रणाली से गहराई से जुड़ा हुआ है। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले कई भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई परिवार चाहते हैं कि भारत की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं विश्व स्तरीय मानकों और पूर्ण पारदर्शिता के साथ आयोजित की जाएं, ताकि भारतीय डिग्रियों की वैश्विक साख बनी रहे। गुवाहाटी में हुए इस प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और पुलिस की निगरानी में रैली शांतिपूर्ण रही। एपीसीसी के महासचिव बिपुल गोगोई और गुवाहाटी शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष स्वपन दास सहित कई अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इसमें हिस्सा लिया। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि जब तक केंद्र सरकार इस मुद्दे पर अपनी जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करती और छात्रों की चिंताओं का समाधान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
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