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लद्दाख ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को भेजी ताज़ा खुबानी की पहली खेप, इस सीजन में 1,000 टन निर्यात का लक्ष्य
ICN24 Newsroom 16 जुल॰ 2026, 11:32 pm
लद्दाख ने संयुक्त अरब अमीरात को ताज़ा खुबानी की पहली बड़ी खेप भेजकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार में एक नया अध्याय शुरू किया है। इस साल 1,000 टन निर्यात का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख ने अपने कृषि इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। हिमालय की ऊंचाइयों में उगाई गई ताज़ा खुबानी की पहली खेप आधिकारिक तौर पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के लिए रवाना कर दी गई है। यह कदम लद्दाख के अब तक के सबसे बड़े ताज़ा खुबानी निर्यात कार्यक्रम की शुरुआत का प्रतीक है, जिसके तहत इस चालू सीजन में कुल 1,000 मीट्रिक टन फल निर्यात करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) और लद्दाख प्रशासन के सहयोग से शुरू की गई यह पहल स्थानीय किसानों के लिए वैश्विक बाजारों के द्वार खोलने की दिशा में एक निर्णायक मोड़ है। लद्दाख की खुबानी, विशेष रूप से 'रक्तसे कार्पो' (Raktsey Karpo) किस्म, अपनी मिठास और विशेष गुणवत्ता के लिए जानी जाती है। अब तक, रसद और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों के कारण यह फल अंतरराष्ट्रीय बाजारों से दूर रहा था, लेकिन आधुनिक कोल्ड चेन प्रबंधन और बेहतर परिवहन सुविधाओं ने इस बाधा को दूर कर दिया है।
लद्दाख प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, यह निर्यात कार्यक्रम केवल व्यापार के बारे में नहीं है, बल्कि लद्दाख को एक 'ऑर्गेनिक हब' के रूप में स्थापित करने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। 1,000 टन का लक्ष्य लद्दाख के कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा उछाल है, जो सीधे तौर पर लेह और कारगिल के हजारों बागवानी उत्पादकों की आय में वृद्धि करेगा। स्थानीय उत्पादकों को अब बिचौलियों पर निर्भर रहने के बजाय सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। जिस तरह संयुक्त अरब अमीरात ने भारतीय जैविक उत्पादों के लिए अपने दरवाजे खोले हैं, वैसे ही ऑस्ट्रेलिया के सख्त बायो-सिक्योरिटी मानकों के बीच भारतीय प्रीमियम फलों की मांग बढ़ रही है। लद्दाख की खुबानी का सफल अंतरराष्ट्रीय पदार्पण भविष्य में ऑस्ट्रेलिया जैसे बाजारों में भी उच्च गुणवत्ता वाले भारतीय फलों की पहुंच की उम्मीद जगाता है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई उपभोक्ता अक्सर अपनी जड़ों से जुड़े स्वाद और जैविक उत्पादों की तलाश में रहते हैं, और लद्दाख का यह सफल मॉडल वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती शक्ति का प्रमाण है।
निर्यात की जाने वाली खुबानी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सावधानीपूर्वक पैक किया गया है ताकि पारगमन के दौरान उनकी ताज़गी और गुणवत्ता बनी रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सीजन सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बाजार भी लद्दाख के कृषि उत्पादों के लिए खुल सकते हैं। यह न केवल केंद्र शासित प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'ब्रांड इंडिया' की छवि को भी निखारेगा।
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