शिक्षा
केरल बजट: शिक्षा क्षेत्र के लिए ₹1,500 करोड़ का प्रावधान, शैक्षणिक स्तर सुधारने और नवाचार पर जोर
ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 07:26 pm

केरल सरकार ने अपने नवीनतम बजट में सामान्य शिक्षा के लिए 1,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसका उद्देश्य राज्य को एक 'नॉलेज हब' के रूप में विकसित करना है।
तिरुवनंतपुरम: केरल सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पेश किए गए बजट में राज्य की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए 1,500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल द्वारा घोषित इस बजटीय प्रावधान का मुख्य उद्देश्य केरल को एक 'नॉलेज इकोनॉमी' (ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था) और वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में स्थापित करना है। यह कदम राज्य के उन प्रयासों का हिस्सा है जिसके तहत छात्रों को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक और वैज्ञानिक कौशल भी प्रदान किया जा सके।
बजट के प्रमुख प्रस्तावों में न केवल बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है, बल्कि स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार ने स्कूलों में आधुनिक प्रयोगशालाओं, डिजिटल कक्षाओं और शिक्षकों के निरंतर प्रशिक्षण के लिए धन आवंटित किया है। इसके अलावा, राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों को अनुसंधान और नवाचार के केंद्रों में बदलने की योजना है, ताकि केरल के छात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
इस बजट की एक महत्वपूर्ण विशेषता छात्र कल्याण और सामाजिक प्रगति से संबंधित है। सरकार ने स्कूलों में मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की घोषणा की है। इसके तहत राज्य भर के स्कूलों में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें और इंसिनरेटर लगाने के साथ-साथ जागरूकता अभियान चलाने के लिए धन आवंटित किया गया है। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करना छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है, विशेषकर छात्राओं के स्कूल छोड़ने की दर को कम करने में यह सहायक होगा।
वैज्ञानिक चेतना (Scientific Temper) को बढ़ावा देना इस बजट का एक अन्य स्तंभ है। राज्य सरकार का मानना है कि अंधविश्वासों को दूर करने और छात्रों में तर्कसंगत सोच विकसित करने के लिए विज्ञान आधारित शिक्षा अनिवार्य है। इसके लिए स्कूलों में विज्ञान क्लबों और नवाचार केंद्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा। यह पहल केरल के उस दीर्घकालिक लक्ष्य का हिस्सा है जिसके तहत राज्य को एक ऐसे केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है जहाँ वैज्ञानिक शोध और बौद्धिक संपदा का सृजन हो सके।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय, विशेष रूप से मलयाली प्रवासी, इस बजट को बड़े उत्साह से देख रहे हैं। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे केरल मूल के परिवारों के लिए अपने गृह राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता एक महत्वपूर्ण विषय है। ऑस्ट्रेलिया में शिक्षा की आधुनिक और शोध-आधारित प्रणाली को देखते हुए, केरल सरकार का वैज्ञानिक चेतना और स्वच्छता पर निवेश करने का निर्णय प्रवासी समुदाय के बीच सकारात्मक संदेश भेजता है। कई प्रवासी भारतीय अपने बच्चों के लिए केरल को एक संभावित उच्च शिक्षा केंद्र के रूप में भी देखते हैं, और इस तरह के निवेश से राज्य की अंतरराष्ट्रीय साख मजबूत होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि 1,500 करोड़ रुपये का यह आवंटन केरल की पहले से ही मजबूत साक्षरता दर को अब गुणवत्तापूर्ण परिणामों में बदलने में मदद करेगा। केरल लंबे समय से मानव विकास सूचकांक में भारत का नेतृत्व करता रहा है, और अब यह बजट राज्य की शिक्षा प्रणाली को 'नेक्स्ट जनरेशन' की जरूरतों के लिए तैयार करने की दिशा में एक साहसिक कदम है।
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