लाइव
विज्ञापन
Demo Interstitial - Migration Consultancy
टेक्नोलॉजी
टेक्नोलॉजी

जियो एआई कॉल एजेंट: क्या है रिलायंस की नई तकनीक और कैसे बदल देगी आपके बात करने का तरीका?

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 04:41 pm
जियो एआई कॉल एजेंट: क्या है रिलायंस की नई तकनीक और कैसे बदल देगी आपके बात करने का तरीका?

रिलायंस जियो ने अपनी वार्षिक आम बैठक में 'जियो एआई कॉल एजेंट' पेश किया है, जो फोन कॉल्स को ऑटोमेट करने और अनुवाद करने की क्षमता रखता है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी नवीनतम वार्षिक आम बैठक (AGM) में तकनीक की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाते हुए 'जियो एआई कॉल एजेंट' (Jio AI Call Agent) का अनावरण किया है। यह केवल एक वॉयस असिस्टेंट नहीं है, बल्कि एक व्यापक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल है जो उपयोगकर्ताओं की ओर से फोन कॉल्स को रिसीव करने, बातचीत को समझने और आवश्यक कार्रवाई करने में सक्षम है। यह तकनीक भारत में डिजिटल संचार के भविष्य को पूरी तरह से बदलने का वादा करती है। जियो एआई कॉल एजेंट मुख्य रूप से 'जियो ब्रेन' (Jio Brain) प्लेटफॉर्म पर आधारित है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी भी कॉल को रियल-टाइम में ट्रांसक्राइब (लिखना) और ट्रांसलेट (अनुवाद) कर सकता है। उदाहरण के लिए, यदि आप किसी ऐसी भाषा में बात कर रहे हैं जिसे आप पूरी तरह नहीं समझते, तो यह एआई एजेंट उस बातचीत का आपकी पसंद की भाषा में अनुवाद कर सकता है। भारत जैसे बहुभाषी देश के लिए यह फीचर क्रांतिकारी साबित हो सकता है। कार्यप्रणाली के स्तर पर, यह एआई एजेंट फोन उठाने से लेकर अपॉइंटमेंट फिक्स करने और स्पैम कॉल्स को फिल्टर करने तक का काम कर सकता है। यदि कोई उपयोगकर्ता व्यस्त है, तो कॉल एजेंट कॉल का जवाब दे सकता है, कॉलर की जानकारी नोट कर सकता है और बातचीत का एक संक्षिप्त सारांश (Summary) तैयार कर सकता है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि उत्पादकता में भी वृद्धि होगी। यह तकनीक क्लाउड आधारित है, जिसका अर्थ है कि इसके लिए महंगे हार्डवेयर की आवश्यकता नहीं होगी। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय (Indian-Australian Community) के लिए भी यह तकनीक काफी प्रासंगिक हो सकती है। प्रवासी भारतीय अक्सर भारत में अपने परिवार, संपत्तियों या व्यावसायिक हितों के प्रबंधन के लिए अंतरराष्ट्रीय कॉल्स करते हैं। भाषा की बाधा या समय के अंतर (Time Zone difference) के कारण होने वाली असुविधाओं को यह एआई एजेंट काफी हद तक कम कर सकता है। ऑस्ट्रेलिया से भारत में कॉल करते समय, यह टूल रिकॉर्डिंग और डेटा प्रोसेसिंग के माध्यम से संचार को सरल बना सकता है। मुकेश अंबानी ने इस लॉन्च के दौरान 'एआई फॉर एवरीवन' (AI for Everyone) का नारा दिया, जो यह दर्शाता है कि कंपनी इस उच्च-स्तरीय तकनीक को आम जनता के लिए किफायती और सुलभ बनाना चाहती है। हालांकि, डेटा गोपनीयता और सुरक्षा को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। जियो ने आश्वासन दिया है कि सभी डेटा सुरक्षित क्लाउड सर्वर पर प्रोसेस किए जाएंगे। आने वाले समय में, जियो एआई कॉल एजेंट स्मार्टफोन्स के उपयोग के तरीके को बदलकर एक नए डिजिटल युग की शुरुआत कर सकता है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

G7 शिखर सम्मेलन: एआई के भविष्य और अमेरिकी तकनीकी प्रभुत्व पर वैश्विक नेताओं के बीच गहन चर्चा
technology

G7 शिखर सम्मेलन: एआई के भविष्य और अमेरिकी तकनीकी प्रभुत्व पर वैश्विक नेताओं के बीच गहन चर्चा

G7 शिखर सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के भविष्य और इस क्षेत्र में अमेरिका के बढ़ते एकाधिकार को लेकर वैश्विक नेताओं ने चिंता जताई है, जिसका सीधा असर ऑस्ट्रेलिया में भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों पर पड़ेगा।

20 जून 2026, 06:41 pm
बिग टेक की सस्ती एआई की तैयारी: क्या भारत बनेगा एआई क्रांति का नया केंद्र?
technology

बिग टेक की सस्ती एआई की तैयारी: क्या भारत बनेगा एआई क्रांति का नया केंद्र?

गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसे दिग्गज अब किफायती एआई समाधानों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। जानिए कैसे यह बदलाव भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल भविष्य को बदल सकता है।

20 जून 2026, 06:26 pm
क्या और महंगे होंगे आईफोन और मैकबुक? टिम कुक ने बताया क्यों कीमतों में बढ़ोतरी अब 'अनिवार्य' है
technology

क्या और महंगे होंगे आईफोन और मैकबुक? टिम कुक ने बताया क्यों कीमतों में बढ़ोतरी अब 'अनिवार्य' है

एप्पल के सीईओ टिम कुक ने संकेत दिया है कि मेमोरी और स्टोरेज चिप्स की बढ़ती लागत के कारण आईफोन और मैकबुक की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।

20 जून 2026, 05:57 pm
Original text
Rate this translation
Your feedback will be used to help improve Google Translate