इमिकास्ट
अमेरिकी वीजा इंटरव्यू में छात्र से पूछा नस्लवाद पर सवाल, रिजेक्शन के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
ICN24 Newsroom 14 जून 2026, 04:01 pm
)
मुंबई में अमेरिकी दूतावास में एक भारतीय छात्र का वीजा आवेदन एक असामान्य सवाल के बाद खारिज कर दिया गया, जिससे विदेशी शिक्षा के इच्छुक छात्रों में चिंता बढ़ गई है।
मुंबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में एक भारतीय छात्र के वीजा आवेदन के खारिज होने के मामले ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। मिशिगन टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में प्रवेश पाने वाले इस छात्र ने दावा किया है कि इंटरव्यू के दौरान उससे अमेरिका में होने वाले नस्लवाद (Racism) को लेकर सवाल पूछा गया, जिसके बाद उसे सेक्शन 214(b) के तहत रिजेक्शन थमा दिया गया।
छात्र ने रेडिट पर अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उसका इंटरव्यू काफी छोटा था। वीजा अधिकारी ने उससे पूछा कि क्या वह अमेरिका में नस्लवाद का सामना करने के लिए तैयार है। छात्र ने सकारात्मक उत्तर देते हुए कहा कि वह इसके बारे में जानता है और यह हर देश का हिस्सा है, लेकिन वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करेगा। हालांकि, इस जवाब के तुरंत बाद अधिकारी ने उसका पासपोर्ट वापस कर दिया और वीजा देने से इनकार कर दिया।
सेक्शन 214(b) अमेरिकी आव्रजन कानून का एक सामान्य प्रावधान है, जिसका अर्थ है कि आवेदक यह साबित करने में विफल रहा कि उसके अपने देश के साथ मजबूत संबंध हैं और वह पढ़ाई पूरी करने के बाद वापस लौट आएगा। लेकिन इस मामले में 'नस्लवाद' जैसे संवेदनशील विषय पर सवाल पूछे जाने ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सवाल अक्सर छात्र की मानसिक तैयारी या वहां बसने की मंशा को परखने के लिए पूछे जा सकते हैं।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भारतीय छात्रों की सुरक्षा और वीजा नियमों को लेकर काफी चर्चा हो रही है। ऑस्ट्रेलिया में भी हाल के महीनों में छात्र वीजा नियमों को कड़ा किया गया है, जिससे भारतीय समुदाय के बीच अनिश्चितता का माहौल है। ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहे भारतीय छात्रों का कहना है कि वीजा इंटरव्यू अब केवल दस्तावेजों की जांच नहीं रह गए हैं, बल्कि यह आवेदक के व्यक्तित्व और 'जेनुइन स्टूडेंट' होने की कसौटी बन गए हैं।
सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के वायरल होने के बाद, कई अन्य आवेदकों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कुछ का मानना है कि छात्र का उत्तर शायद बहुत अधिक 'तैयार' किया हुआ लगा, जबकि अन्य का कहना है कि वीजा अधिकारी केवल छात्र की प्रतिक्रिया देखना चाहते थे। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के शिक्षा विशेषज्ञों का सुझाव है कि छात्रों को इंटरव्यू के दौरान शांत रहना चाहिए और विवादित या राजनीतिक सवालों के जवाब बेहद संतुलित तरीके से देने चाहिए।
फिलहाल, संबंधित छात्र ने दोबारा आवेदन करने की योजना बनाई है, लेकिन इस घटना ने विदेशी शिक्षा के इच्छुक हजारों भारतीय युवाओं के मन में एक नया डर पैदा कर दिया है कि क्या अब उन्हें अकादमिक योग्यता के बजाय ऐसे अप्रत्याशित सवालों के लिए भी तैयार रहना होगा।
संबंधित ख़बरें
इमिग्रेशन
वन नेशन का बड़ा वादा: ऑस्ट्रेलियाई स्कूलों से 'वेलकम टू कंट्री' हटाने और देशभक्ति पर जोर देने की तैयारी
वन नेशन नेता पॉलीन हैनसन ने ऑस्ट्रेलियाई स्कूलों में देशभक्ति आधारित पाठ्यक्रम और 'वेलकम टू कंट्री' समारोहों को समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है।
30 जुल॰ 2026, 07:45 am
इमिग्रेशन
विकास रम्बल के पर्डामन ग्रुप की बड़ी पहल: ऑस्ट्रेलिया में दशकों बाद बन सकती है पहली बड़ी तेल रिफाइनरी
भारतीय मूल के उद्यमी विकास रम्बल के पर्डामन ग्रुप ने ऑस्ट्रेलिया की ईंधन सुरक्षा और स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कर्रथा में एक नई तेल रिफाइनरी का प्रस्ताव दिया है।
29 जुल॰ 2026, 05:27 am
इमिग्रेशन
'व्हाइट ऑस्ट्रेलिया पॉलिसी' खत्म होने से शुरू हुई आव्रजन की समस्याएं: पॉलीन हैंसन
वन नेशन नेता पॉलीन हैंसन ने दावा किया है कि ऑस्ट्रेलिया की मौजूदा आव्रजन चुनौतियां 1970 के दशक में 'व्हाइट ऑस्ट्रेलिया पॉलिसी' के अंत के साथ शुरू हुई थीं।
17 जुल॰ 2026, 09:27 am
