राजनीति
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग में आएगी तेजी: तीन और स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के निर्माण पर वार्ता जल्द
ICN24 Newsroom 14 जून 2026, 04:31 am

भारत और फ्रांस अपनी रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तैयार हैं, जिसमें 'मेक इन इंडिया' के तहत तीन अतिरिक्त कलवरी-श्रेणी की पनडुब्बियों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नई दिल्ली और पेरिस के बीच रणनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए, भारत और फ्रांस अब नौसेना की ताकत बढ़ाने के लिए तीन अतिरिक्त कलवरी-श्रेणी (स्कॉर्पीन) पनडुब्बियों के निर्माण के लिए बातचीत को तेज करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान इस महत्वाकांक्षी रक्षा सौदे पर मुहर लगने की संभावना है, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की समुद्री सुरक्षा को मजबूती प्रदान करेगा।
करीब 36,000 करोड़ रुपये की लागत वाला यह स्कॉर्पीन पनडुब्बी प्रोजेक्ट 'मेक इन इंडिया' ढांचे के तहत संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य न केवल भारतीय नौसेना की घटती पनडुब्बी क्षमता को पुनर्जीवित करना है, बल्कि भारत के स्वदेशी रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना भी है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) इन पनडुब्बियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिसमें फ्रांस की नेवल ग्रुप तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी।
पनडुब्बियों के अलावा, दोनों देश 3.25 लाख करोड़ रुपये के राफेल-एम (नौसेना संस्करण) लड़ाकू विमान सौदे को भी अंतिम रूप देने की दिशा में अग्रसर हैं। ये विमान विशेष रूप से भारत के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत के लिए खरीदे जा रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रांस के साथ यह सहयोग भारत की 'रणनीतिक स्वायत्तता' को बनाए रखने में सहायक होगा, जो किसी एक देश पर निर्भर रहने के बजाय अपनी रक्षा जरूरतों के लिए विकल्पों का विस्तार कर रहा है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले प्रवासी भारतीयों के लिए यह घटनाक्रम विशेष महत्व रखता है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच, भारत और फ्रांस के बीच यह मजबूत रक्षा गठबंधन क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक है। ऑस्ट्रेलिया, भारत और फ्रांस पहले से ही त्रिपक्षीय संवादों के माध्यम से हिंद महासागर की सुरक्षा पर चर्चा करते रहे हैं। ऐसे में भारत की नौसैनिक शक्ति में वृद्धि सीधे तौर पर क्वाड (QUAD) देशों के साझा हितों और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को प्रभावित करती है।
फ्रांस ने हमेशा भारत को एक भरोसेमंद सहयोगी माना है, जिसने मुश्किल समय में भी बिना किसी प्रतिबंध के सैन्य तकनीक साझा की है। आगामी वार्ता में जेट इंजन के सह-विकास और अंतरिक्ष सहयोग पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। यह साझेदारी केवल खरीद-फरोख्त तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य की प्रौद्योगिकियों के संयुक्त विकास की ओर एक बड़ा कदम है, जो भारत को वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला में एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
आज का तुला राशिफल 6 अगस्त: कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ाने का मौका, पारिवारिक आर्थिक चर्चाओं में बरतें सावधानी
6 अगस्त का दिन तुला राशि के जातकों के लिए पेशेवर मोर्चे पर उन्नति और व्यक्तिगत संबंधों में सावधानी बरतने का मिश्रण लेकर आया है।
6 अग॰ 2026, 11:37 am
राजनीति
NEET विरोध प्रदर्शन मामले में 'जीरो एफआईआर' दर्ज: सिलीगुड़ी में दो लोगों के खिलाफ बीएनएस और पॉक्सो के तहत शिकायत
वरिष्ठ अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने सिलीगुड़ी साइबर पुलिस स्टेशन में अभिजीत दीपके और सौरभ दास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें गंभीर कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
6 अग॰ 2026, 10:37 am

राजनीति
अब्दुल अल-सय्यद की वापसी: राजनीतिक गुमनामी से मिशिगन में प्रगतिशील आंदोलन की नई लहर तक
मिशिगन की राजनीति में अब्दुल अल-सय्यद का उदय प्रवासी समुदायों के लिए मिसाल बना है, जो हार के बाद एक मजबूत प्रगतिशील आवाज के रूप में उभरे हैं।
6 अग॰ 2026, 09:38 am

