राजनीति
तनाव बढ़ा: ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज जलडमरूमध्य, वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट
ICN24 Newsroom 12 जून 2026, 06:30 am

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम समाप्त होने के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है, जिससे वैश्विक तेल कीमतों में उछाल की आशंका है।
मध्य पूर्व में लंबे समय से चला आ रहा तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुआ एक नाजुक युद्ध विराम गुरुवार तड़के उस समय समाप्त हो गया, जब अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में स्थित ठिकानों पर नए सिरे से हवाई हमले किए। इन हमलों के जवाब में, तेहरान ने जवाबी सैन्य कार्रवाई की घोषणा करते हुए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का कड़ा फैसला लिया है।
ईरान की ओर से की गई इस कार्रवाई का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ना तय है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का वह प्रमुख समुद्री मार्ग है जहाँ से वैश्विक तेल खपत का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तत्काल उछाल आने की संभावना है, जिससे भारत और ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया भर के उपभोक्ता सीधे प्रभावित होंगे।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह घटनाक्रम विशेष रूप से चिंताजनक है। ऑस्ट्रेलिया में ईंधन की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर परिवहन लागत और दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा। वहीं, भारत अपनी तेल जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर है। इस जलमार्ग के बंद होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो सकता है और घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि यह गतिरोध लंबे समय तक चला, तो इसका असर एयरलाइंस के किराये और वैश्विक व्यापार रसद (logistics) पर भी पड़ेगा।
तेहरान ने स्पष्ट किया है कि उसकी यह कार्रवाई संप्रभुता की रक्षा के लिए है। ईरानी सैन्य कमांडरों के अनुसार, अमेरिकी हमलों ने उनके धैर्य की सीमा पार कर दी है। दूसरी ओर, वॉशिंगटन का तर्क है कि ये हमले क्षेत्र में अमेरिकी हितों और उसके सहयोगियों पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए एक 'निवारक' (deterrent) कार्रवाई थे। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है ताकि एक पूर्ण युद्ध को टाला जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज को बंद करना ईरान का एक रणनीतिक दांव है, जिसका उद्देश्य अमेरिका और उसके सहयोगियों पर आर्थिक दबाव बनाना है। हालांकि, इस मार्ग के बंद होने से केवल पश्चिमी देश ही नहीं, बल्कि चीन और भारत जैसे बड़े एशियाई आयातक भी प्रभावित होंगे। फिलहाल, दुनिया भर के देशों की नजरें खाड़ी क्षेत्र पर टिकी हैं, जहाँ तनाव की एक भी नई चिंगारी वैश्विक आर्थिक संकट को जन्म दे सकती है।
संबंधित ख़बरें

राजनीति
कावेरी जल विवाद: AIADMK प्रमुख पलानीस्वामी ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की
एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने कावेरी जल विवाद पर राज्य सरकार की विफलता पर चिंता जताई है और सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है।
31 जुल॰ 2026, 08:36 pm

राजनीति
'पुनर्जनी' मामले में सतीशन को मिली 'क्लीन चिट' को चुनौती देगी माकपा; केरल में बड़े आंदोलन की तैयारी
माकपा ने केरल के विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन को 'पुनर्जनी' विदेशी फंडिंग मामले में मिली क्लीन चिट के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक मोर्चा खोलने का फैसला किया है।
31 जुल॰ 2026, 07:36 pm

राजनीति
कावेरी जल विवाद: तमिलनाडु को पानी देने के फैसले पर कर्नाटक में भारी विरोध, मांड्या में सुरक्षा सख्त
कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) द्वारा तमिलनाडु को पानी छोड़ने के आदेश के बाद कर्नाटक के मांड्या में किसानों और कन्नड़ संगठनों ने उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
31 जुल॰ 2026, 06:36 pm

