लाइव
विज्ञापन
Demo Interstitial - Migration Consultancy
इमिकास्ट
इमिकास्ट

फीफा विश्व कप: ईरान का अमेरिका पर गंभीर आरोप, तकनीकी स्टाफ को वीजा देने से इनकार

ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 04:30 am
फीफा विश्व कप: ईरान का अमेरिका पर गंभीर आरोप, तकनीकी स्टाफ को वीजा देने से इनकार

ईरान ने अमेरिका पर फीफा विश्व कप के लिए अपने महत्वपूर्ण तकनीकी और प्रबंधकीय स्टाफ को वीजा न देने का आरोप लगाया है, जिसे खेल भावना के विपरीत बताया गया है।

ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव अब खेल के मैदान तक पहुंच गया है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह आगामी फीफा विश्व कप के लिए ईरानी राष्ट्रीय टीम के महत्वपूर्ण सहयोगी स्टाफ को वीजा देने से जानबूझकर इनकार कर रहा है। तुर्की में ईरानी दूतावास द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, हालांकि खिलाड़ियों को प्रवेश की अनुमति मिल गई है, लेकिन टीम के प्रबंधन, कार्यकारी कर्मचारियों और तकनीकी सलाहकारों के एक बड़े हिस्से को वीजा नहीं दिया गया है। ईरानी अधिकारियों ने इस कार्रवाई को 'अनुचित' और 'खेल भावना के विपरीत' करार दिया है। दूतावास ने जोर देकर कहा कि तकनीकी विशेषज्ञ और प्रबंधक किसी भी राष्ट्रीय टीम की सफलता के लिए अनिवार्य हिस्सा होते हैं। उनके बिना टीम का संतुलन और प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब खेल जगत में राजनीति और कूटनीति के हस्तक्षेप पर लगातार बहस छिड़ी हुई है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया एक बहुसांस्कृतिक समाज है जहां फुटबॉल के प्रति गहरी दीवानगी है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले खेल प्रेमी, विशेषकर वे जो अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल का बारीकी से अनुसरण करते हैं, इस विवाद को वीजा नीतियों और खेल निष्पक्षता के दृष्टिकोण से देख रहे हैं। प्रवासी समुदायों में अक्सर इस बात की चर्चा होती है कि कैसे वीजा संबंधी बाधाएं अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं और वैश्विक आयोजनों के सुचारू संचालन को बाधित करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के गतिरोध न केवल ईरान की तैयारियों को कमजोर कर सकते हैं, बल्कि भविष्य के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की मेजबानी के मानदंडों पर भी सवाल खड़े करते हैं। फीफा के नियमों के अनुसार, मेजबान देशों से अपेक्षा की जाती है कि वे प्रतिभागी देशों के सभी सदस्यों को बिना किसी भेदभाव के प्रवेश की सुविधा प्रदान करें। फिलहाल, अमेरिकी विदेश विभाग ने इन विशिष्ट आरोपों पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की है, लेकिन आमतौर पर वीजा मामलों में सुरक्षा जांच को प्राथमिक कारण बताया जाता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या फीफा इस मामले में हस्तक्षेप करता है या ईरान को अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा। खेल प्रेमियों के लिए, विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया में बसे दक्षिण एशियाई और मध्य पूर्वी प्रवासियों के लिए, यह विवाद केवल फुटबॉल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों और आप्रवासन नीतियों की जटिलताओं को भी दर्शाता है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

यूएई में भारतीय पासपोर्ट और वीजा सेवाओं पर 5 दिनों का विराम, 26 जून से सेवाएं रहेंगी निलंबित
इमिग्रेशन

यूएई में भारतीय पासपोर्ट और वीजा सेवाओं पर 5 दिनों का विराम, 26 जून से सेवाएं रहेंगी निलंबित

यूएई में भारतीय मिशनों ने पासपोर्ट और वीजा सेवाओं में बदलाव की घोषणा की है। 26 से 30 जून तक सेवाएं बंद रहेंगी और 1 जुलाई से नया प्रदाता कार्यभार संभालेगा।

20 जून 2026, 12:23 pm
ईरान की फीफा से शिकायत: विश्व कप के दौरान अमेरिकी यात्रा प्रतिबंधों पर जताया कड़ा विरोध
इमिग्रेशन

ईरान की फीफा से शिकायत: विश्व कप के दौरान अमेरिकी यात्रा प्रतिबंधों पर जताया कड़ा विरोध

ईरानी फुटबॉल महासंघ ने 2026 विश्व कप के दौरान अमेरिका की वीजा पाबंदियों के खिलाफ फीफा में शिकायत दर्ज करने की घोषणा की है। कोच ने टीम को 'सबसे उत्पीड़ित' बताया।

20 जून 2026, 12:09 pm
कैलाश मानसरोवर यात्रा: सरकार ने नाथू ला और लिपुलेख ला चेक पोस्ट को दी आधिकारिक मंजूरी
इमिग्रेशन

कैलाश मानसरोवर यात्रा: सरकार ने नाथू ला और लिपुलेख ला चेक पोस्ट को दी आधिकारिक मंजूरी

भारत सरकार ने 20 जून से शुरू होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सिक्किम के नाथू ला और उत्तराखंड के लिपुलेख ला को अस्थायी आव्रजन चौकियों के रूप में अधिसूचित किया है।

20 जून 2026, 11:52 am
Original text
Rate this translation
Your feedback will be used to help improve Google Translate