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फिफा वर्ल्ड कप 2026: उत्तरी अमेरिका में वीजा बाधाओं से प्रशंसकों की बढ़ी चिंता
ICN24 Newsroom 12 जून 2026, 10:01 am

2026 फिफा विश्व कप के लिए अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की सख्त वीजा नीतियां प्रशंसकों और अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती बन रही हैं।
वर्ष 2026 में होने वाले फिफा विश्व कप की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन उत्तरी अमेरिका के तीन देशों—अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको—द्वारा आयोजित इस महाकुंभ पर वीजा संबंधी जटिलताओं के बादल मंडराने लगे हैं। खेल प्रेमियों और फुटबॉल अधिकारियों के लिए इन देशों की सख्त आप्रवासन नीतियां और लंबी वीजा प्रक्रिया एक बड़ी बाधा बनकर उभरी हैं। विशेष रूप से भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों और वहां रह रहे प्रवासी भारतीयों के लिए, जिनके पास अक्सर अलग-अलग पासपोर्ट श्रेणियां होती हैं, यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, टूर्नामेंट की तैयारी के दौरान ही कई पत्रकारों और रेफरी को प्रवेश देने से मना कर दिया गया है। अमेरिका की सख्त सुरक्षा जांच और प्रशासनिक प्रक्रियाएं इस संकट का मुख्य केंद्र हैं। हालांकि फिफा ने इस समस्या के समाधान के लिए 'फिफा पास' (FIFA Pass) नामक एक विशेष प्रणाली शुरू की है, जिसका उद्देश्य वीजा इंटरव्यू की प्रक्रिया में तेजी लाना है। इसके बावजूद, अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह पास किसी भी व्यक्ति को देश में प्रवेश की गारंटी नहीं देता है और अंतिम निर्णय आप्रवासन विभाग के पास ही सुरक्षित रहेगा।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में फुटबॉल की बढ़ती लोकप्रियता के बीच, हजारों प्रशंसक विश्व कप के लिए यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। जिन प्रशंसकों के पास भारतीय पासपोर्ट है और वे ऑस्ट्रेलिया में स्थायी निवासी (PR) हैं, उन्हें लंबी प्रतीक्षा अवधि और कठिन दस्तावेजीकरण का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वीजा संबंधी इन नियमों में ढील नहीं दी गई, तो स्टेडियमों में दर्शकों की संख्या और वैश्विक पर्यटन राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
आगामी महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि फिफा और मेजबान देशों की सरकारें इन लॉजिस्टिक चुनौतियों से कैसे निपटती हैं। वर्तमान में, वीजा इंटरव्यू के लिए प्रतीक्षा समय कई महीनों तक फैला हुआ है, जो अंतरराष्ट्रीय प्रशंसकों के यात्रा बजट और योजना को प्रभावित कर रहा है। फुटबॉल और यात्रा कूटनीति के बीच यह टकराव आने वाले समय में खेल जगत के लिए एक बड़ा चर्चा का विषय बना रहेगा।
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