लाइव
राजनीति
राजनीति

संवाद दिलों के बीच पुल बनाने का एक जरिया: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आपसी भाईचारे पर दिया जोर

ICN24 Newsroom 18 अग॰ 2026, 08:37 am
संवाद दिलों के बीच पुल बनाने का एक जरिया: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आपसी भाईचारे पर दिया जोर

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने संवाद को समाज में शांति और विकास का आधार बताया है, जो दिलों को जोड़ने और दूरियां मिटाने में सहायक है।

जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक हालिया संबोधन में सामाजिक समरसता और शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि 'संवाद' केवल शब्दों का आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि यह दिलों के बीच पुल बनाने का एक सशक्त जरिया है। उपराज्यपाल के अनुसार, जब समाज के विभिन्न वर्ग एक-दूसरे से खुलकर बात करते हैं, तो न केवल गलतफहमियां दूर होती हैं, बल्कि विश्वास की एक नई नींव भी रखी जाती है। यह संदेश उस समय आया है जब भारत का यह क्षेत्र विकास और शांति की नई ऊंचाइयों को छूने का प्रयास कर रहा है। उपराज्यपाल ने जोर देकर कहा कि संवाद के माध्यम से ही हम उन बाधाओं को पार कर सकते हैं जो लंबे समय से प्रगति के मार्ग में रोड़ा बनी हुई थीं। उन्होंने युवाओं और नागरिक समाज के सदस्यों को प्रोत्साहित किया कि वे सकारात्मक चर्चाओं में शामिल हों। उनके अनुसार, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की कुंजी परस्पर सम्मान और एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझने में निहित है। सिन्हा ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल ढांचागत विकास करना नहीं है, बल्कि लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करना है, जिससे एक समावेशी समाज का निर्माण हो सके। इस संदेश का महत्व भारत की भौगोलिक सीमाओं से परे वैश्विक भारतीय समुदाय के लिए भी अत्यंत प्रासंगिक है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह विचार विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया जैसे बहुसांस्कृतिक समाज में, जहां विभिन्न राज्यों और पृष्ठभूमि के लोग एक साथ रहते हैं, संवाद ही वह सूत्र है जो सामुदायिक एकता को बनाए रखता है। उपराज्यपाल का यह विजन कि 'दिलों के बीच पुल बनाना' ही असली प्रगति है, उन प्रवासियों के लिए भी एक प्रेरणा है जो विदेशों में भारतीय संस्कृति और एकता के ध्वजवाहक बने हुए हैं। अपने संबोधन के दौरान, उन्होंने शासन की पारदर्शिता और जनभागीदारी पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि एक जीवंत लोकतंत्र तभी फल-फूल सकता है जब सरकार और नागरिकों के बीच निरंतर बातचीत होती रहे। उपराज्यपाल ने विश्वास जताया कि यदि हम संवाद की इस संस्कृति को अपना लें, तो समाज की जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। यह न केवल क्षेत्रीय शांति के लिए जरूरी है, बल्कि यह भारत को वैश्विक मंच पर एक एकजुट और सशक्त राष्ट्र के रूप में भी प्रस्तुत करता है। अंत में, मनोज सिन्हा ने आह्वान किया कि समाज का हर नागरिक इस 'सेतु निर्माण' की प्रक्रिया का हिस्सा बने। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति कोई अंतिम गंतव्य नहीं बल्कि एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसकी शुरुआत एक सार्थक संवाद से होती है। उनकी यह टिप्पणी न केवल प्रशासनिक दृढ़ता को दर्शाती है, बल्कि एक संवेदनशील और जुड़े हुए समाज की परिकल्पना को भी साकार करती है, जो आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
शेयर:

संबंधित ख़बरें

जनगणना 2027: भारत के पहाड़ी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'स्व-गणना' प्रक्रिया शुरू
राजनीति

जनगणना 2027: भारत के पहाड़ी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 'स्व-गणना' प्रक्रिया शुरू

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे दुर्गम क्षेत्रों में जनगणना 2027 के लिए स्व-गणना का चरण शुरू हो गया है, जो डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम है।

18 अग॰ 2026, 07:37 am
भाजपा का संगठनात्मक फेरबदल: वसुंधरा राजे को लेकर आलाकमान का बड़ा संदेश
राजनीति

भाजपा का संगठनात्मक फेरबदल: वसुंधरा राजे को लेकर आलाकमान का बड़ा संदेश

भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राष्ट्रीय टीम में बड़ा बदलाव किया है, जिसमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर बरकरार रखा गया है।

18 अग॰ 2026, 06:37 am
Wildberries और ईंधन रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमले: रूस के आम जनजीवन और छोटे व्यापारियों पर गहराता संकट
राजनीति

Wildberries और ईंधन रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमले: रूस के आम जनजीवन और छोटे व्यापारियों पर गहराता संकट

यूक्रेन द्वारा रूसी लॉजिस्टिक केंद्रों और तेल रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों ने रूस के आम नागरिकों और छोटे व्यवसायों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।

18 अग॰ 2026, 05:37 am