राजनीति
चेन्नई: पेरंबूर और माधवरम हाई रोड पर अतिक्रमण से नागरिक परेशान, स्थायी समाधान की मांग
ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 01:30 pm

ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के हालिया अतिक्रमण हटाओ अभियान के बावजूद, स्थानीय निवासी और कार्यकर्ता सड़कों पर स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
चेन्नई के उत्तरी हिस्से में स्थित पेरंबूर और माधवरम हाई रोड पर अतिक्रमण की बढ़ती समस्या ने स्थानीय निवासियों और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं के सब्र का बांध तोड़ दिया है। ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन (GCC) द्वारा हाल ही में चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के बावजूद, स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं देखा गया है। नागरिक मंचों का कहना है कि जब तक प्रशासन सख्त और स्थायी नीति नहीं अपनाता, तब तक यह समस्या बनी रहेगी।
गौरतलब है कि 21 मई को जीसीसी के अधिकारियों ने फुटपाथों और मुख्य सड़कों से अवैध कब्जे हटाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया था। इस कार्रवाई के दौरान सड़कों पर अवैध रूप से लगाए गए ठेलों, दुकानों के बढ़े हुए हिस्सों और अवैध पार्किंग को हटाया गया। हालांकि, स्थानीय निवासियों का आरोप है कि अधिकारियों के जाते ही अतिक्रमणकारी वापस अपनी जगह पर लौट आते हैं। यह 'चूहे-बिल्ली का खेल' पिछले कई वर्षों से जारी है, जिससे पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
चेन्नई के इन व्यस्त इलाकों का सीधा संबंध बुनियादी ढांचे और शहरी नियोजन से है। पेरंबूर और माधवरम जैसे क्षेत्र न केवल व्यावसायिक केंद्र हैं, बल्कि घनी आबादी वाले आवासीय क्षेत्र भी हैं। अतिक्रमण के कारण यहां यातायात जाम की समस्या आम हो गई है, जिससे आपातकालीन सेवाओं, जैसे एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड, को भी निकलने में कठिनाई होती है। स्थानीय एक्टिविस्ट्स का तर्क है कि बार-बार की मामूली कार्रवाई के बजाय प्रशासन को 'नो-टॉलरेंस' नीति लागू करनी चाहिए और दोबारा अतिक्रमण करने वालों पर भारी जुर्माना लगाना चाहिए।
इस समाचार का महत्व ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय, विशेषकर तमिल प्रवासियों के लिए भी अधिक है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में बसे प्रवासी भारतीय अक्सर अपने पैतृक शहरों की नागरिक समस्याओं और शहरी विकास पर गहरी नजर रखते हैं। भारत में 'स्मार्ट सिटी' मिशन और शहरी सुधारों के बीच, चेन्नई जैसे महानगरों में फुटपाथों की ऐसी स्थिति प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है। सुरक्षित पैदल मार्ग और व्यवस्थित सड़कें किसी भी विकसित शहर की पहचान होती हैं, जिसकी मांग अब चेन्नई के नागरिक पुरजोर तरीके से कर रहे हैं।
जीसीसी के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही एक नया रोडमैप तैयार करेंगे ताकि इन प्रमुख मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखा जा सके। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे अब वादों से नहीं, बल्कि ठोस जमीनी कार्रवाई से संतुष्ट होंगे। वे मांग कर रहे हैं कि फुटपाथों पर रेलिंग लगाई जाए और नियमित गश्त सुनिश्चित की जाए ताकि सार्वजनिक संपत्तियों पर दोबारा कब्जा न हो सके।
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