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कनाडा ने IEC वर्क परमिट के लिए पुलिस क्लीयरेंस नियमों में किया बदलाव; भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अपडेट
ICN24 Newsroom 24 जून 2026, 02:42 pm
कनाडा सरकार ने इंटरनेशनल एक्सपीरियंस कनाडा (IEC) के तहत वर्क परमिट आवेदकों के लिए पुलिस प्रमाण पत्र (PCC) के नियमों को अपडेट किया है, जो अब अधिक सख्त होंगे।
कनाडा सरकार ने अपनी आप्रवासन नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए 'इंटरनेशनल एक्सपीरियंस कनाडा' (IEC) कार्यक्रम के तहत वर्क परमिट के लिए आवेदन करने वाले विदेशी नागरिकों के लिए पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) की आवश्यकताओं को संशोधित किया है। आव्रजन, शरणार्थी और नागरिकता कनाडा (IRCC) द्वारा जारी किए गए इन नए दिशानिर्देशों का उद्देश्य युवाओं की गतिशीलता (youth mobility) से जुड़ी सुरक्षा जांच प्रक्रिया को और अधिक स्पष्ट और कुशल बनाना है।
नए नियमों के तहत, अब आवेदकों को अपने वर्तमान निवास स्थान से ऐसा पुलिस प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होगा जो आवेदन प्राप्ति की तिथि से छह महीने के भीतर जारी किया गया हो। यह बदलाव उन सभी विदेशी नागरिकों पर लागू होता है जो आईईसी कार्यक्रम के माध्यम से कनाडा में काम करने और वहां की संस्कृति का अनुभव करने की योजना बना रहे हैं। इसके अतिरिक्त, यदि कोई आवेदक 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद किसी भी देश में लगातार छह महीने या उससे अधिक समय तक रहा है, तो उसे उस देश से भी पुलिस प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा जहां वह अंतिम बार रहा था।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय और विशेष रूप से भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई युवाओं के लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है। ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों के कारण, कई युवा पेशेवर और छात्र अक्सर अपनी वैश्विक करियर संभावनाओं को बढ़ाने के लिए कनाडा के आईईसी कार्यक्रम का रुख करते हैं। ऐसे में, यदि कोई भारतीय मूल का युवा वर्तमान में सिडनी, मेलबर्न या पर्थ जैसे ऑस्ट्रेलियाई शहरों में रह रहा है और कनाडा जाने की योजना बना रहा है, तो उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि उसका ऑस्ट्रेलियाई पुलिस चेक (AFP) आवेदन की तारीख से छह महीने से अधिक पुराना न हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम उन प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने के लिए उठाया गया है जो अक्सर पुराने दस्तावेजों के कारण पैदा होती थीं। आईईसी कार्यक्रम, जिसमें वर्किंग हॉलिडे, यंग प्रोफेशनल्स और इंटरनेशनल को-ऑप (इंटर्नशिप) श्रेणियां शामिल हैं, दुनिया भर के युवाओं को कनाडा में अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त करने का एक शानदार अवसर प्रदान करता है। हालांकि, कनाडाई अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि सभी आवेदक कड़े सुरक्षा मानकों को पूरा करते हों।
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पिछले निवासों के रिकॉर्ड की जांच करें। उदाहरण के लिए, यदि कोई आवेदक हाल ही में भारत से ऑस्ट्रेलिया स्थानांतरित हुआ है और वहां छह महीने से अधिक समय बिताया है, तो उसे भारत से भी वैध पीसीसी की आवश्यकता होगी। कनाडाई आप्रवासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि दस्तावेज इन नई समय-सीमाओं और शर्तों के अनुरूप नहीं होंगे, तो आवेदन को अधूरा माना जा सकता है या उसमें देरी हो सकती है।
अंततः, इन बदलावों का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है। आईईसी के इच्छुक उम्मीदवारों को अब अपने दस्तावेजों की तैयारी पहले से कहीं अधिक सावधानी और समयबद्धता के साथ करनी होगी ताकि वे कनाडा के गतिशील कार्य वातावरण का हिस्सा बन सकें।
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