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तेलंगाना के मुख्यमंत्री के 'दोयम दर्जे के नागरिक' वाले बयान पर विवाद, भाजपा ने बताया 'राष्ट्रविरोधी'

ICN24 Newsroom 8 जून 2026, 01:30 am
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के 'दोयम दर्जे के नागरिक' वाले बयान पर विवाद, भाजपा ने बताया 'राष्ट्रविरोधी'

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा दक्षिण भारतीयों को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, इसे असंवैधानिक और देश को बांटने वाला करार दिया गया है।

हैदराबाद में राजनीतिक माहौल उस समय गरमा गया जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के हालिया बयान की कड़ी आलोचना की। मुख्यमंत्री रेड्डी ने एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर कहा था कि दक्षिण भारतीय राज्यों के लोग देश में 'दोयम दर्जे के नागरिक' बनकर नहीं रहना चाहते। भाजपा ने इस टिप्पणी को न केवल 'असंवैधानिक' बताया है, बल्कि इसे भारत की एकता और अखंडता पर प्रहार करते हुए 'राष्ट्रविरोधी' करार दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस मुद्दे पर विपक्षी दल कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि इस तरह की बयानबाजी देश में उत्तर-दक्षिण का विभाजन पैदा करने की एक गहरी साजिश है। भाजपा ने मांग की है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ें और स्पष्ट करें कि क्या कांग्रेस पार्टी अपने मुख्यमंत्री के इन विचारों से सहमत है। भाजपा नेतृत्व का तर्क है कि भारत एक संघीय ढांचा है जहां हर नागरिक समान है और मुख्यमंत्री का यह बयान क्षेत्रीय भावनाओं को भड़काने वाला है। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब भारत में क्षेत्रीय पहचान और संसाधनों के वितरण को लेकर अक्सर बहस होती रहती है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री का इशारा संभवतः केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय संबंधों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की ओर था, लेकिन भाजपा ने इसे अलगाववादी मानसिकता का परिचायक बताया है। प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि इस तरह के शब्द उन लोगों के मनोबल को गिराते हैं जो देश की अखंडता के लिए काम कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय प्रवासी समुदाय (डायस्पोरा) के लिए भी यह खबर काफी मायने रखती है। प्रवासी समुदाय, जो भारत के विभिन्न राज्यों से आकर ऑस्ट्रेलिया में बसा है, अक्सर एक एकीकृत भारतीय पहचान का प्रतिनिधित्व करता है। मेलबर्न और सिडनी जैसे शहरों में रहने वाले तेलुगु भाषी समुदाय के बीच इस राजनीतिक बयानबाजी की चर्चा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में इस तरह के क्षेत्रीय विवादों का असर विदेशों में बसे भारतीयों के बीच सामाजिक समरसता पर भी पड़ सकता है, जो अपनी साझा सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हैं। भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि कांग्रेस नेतृत्व ने रेवंत रेड्डी के बयान पर कार्रवाई नहीं की, तो यह माना जाएगा कि यह पूरी पार्टी की सोची-समझी रणनीति है। पार्टी ने जनता से अपील की है कि वे ऐसे विभाजनकारी नैरेटिव से सावधान रहें। फिलहाल, कांग्रेस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है, जिससे राज्य और केंद्र की राजनीति में तनाव और बढ़ने के आसार हैं।
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