राजनीति
केरल: हिंदुत्व विचारक टी.जी. मोहनदास की गिरफ्तारी पर भाजपा का कड़ा रुख, बताया 'प्रतिशोध की राजनीति'
ICN24 Newsroom 10 अग॰ 2026, 05:37 am

भाजपा ने केरल में हिंदुत्व विचारक टी.जी. मोहनदास की गिरफ्तारी को भेदभावपूर्ण बताया है। पार्टी का आरोप है कि सरकार बाढ़ राहत में अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए यह कदम उठा रही है।
केरल में हिंदुत्व विचारक और प्रमुख टेलीविजन व्यक्तित्व टी.जी. मोहनदास की गिरफ्तारी के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे राज्य की वामपंथी सरकार द्वारा की गई 'भेदभावपूर्ण' और 'प्रतिशोध की राजनीति' करार दिया है। भाजपा नेतृत्व का आरोप है कि पिनाराई विजयन सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं और हाल ही में आई आपदाओं के प्रबंधन में हुई कमियों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि टी.जी. मोहनदास की गिरफ्तारी कानून का पालन करने के बजाय वैचारिक विरोधियों को चुप कराने का एक प्रयास है। उन्होंने तर्क दिया कि जब राज्य सरकार को बाढ़ राहत कार्यों और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए था, तब वह पुलिस बल का उपयोग उन लोगों को निशाना बनाने के लिए कर रही है जो सरकार की नीतियों की आलोचना करते हैं। भाजपा का दावा है कि यह गिरफ्तारी पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और इसका उद्देश्य समाज में ध्रुवीकरण पैदा करना है।
आस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय, विशेष रूप से मलयाली प्रवासियों के लिए केरल की यह राजनीतिक उथल-पुथल चिंता का विषय बनी हुई है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में सक्रिय केरल मूल के लोग अक्सर अपने गृह राज्य की सामाजिक और राजनीतिक स्थिरता पर गहरी नजर रखते हैं। वहां के स्थानीय संगठनों का मानना है कि इस तरह के टकरावों से राज्य की छवि प्रभावित होती है और निवेश व पर्यटन पर बुरा असर पड़ सकता है। प्रवासी समुदाय अक्सर सोशल मीडिया के माध्यम से इन घटनाओं पर अपनी प्रतिक्रिया देता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि केरल की राजनीति की गूंज विदेशों तक सुनाई देती है।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि केरल में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है और सरकार केवल चुनिंदा मामलों में ही तेजी से कार्रवाई करती है। पार्टी के अनुसार, मोहनदास जैसे विचारकों को निशाना बनाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। सरकार की ओर से दी गई दलीलों में कहा गया है कि गिरफ्तारी कानून के तहत की गई है और इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि, भाजपा का मानना है कि हाल के महीनों में सरकार के खिलाफ बढ़ते सार्वजनिक असंतोष और विरोध प्रदर्शनों के कारण प्रशासन दबाव में है और वह विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहा है।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर केरल में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होने की संभावना है। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वह मोहनदास की गिरफ्तारी के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर लड़ाई लड़ेगी। यह घटनाक्रम न केवल केरल की राजनीति को प्रभावित करेगा, बल्कि यह आने वाले चुनावों के लिए भी एक बड़ा मुद्दा बन सकता है, जहां भाजपा अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रही है।
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