राजनीति
'विदेशों में बैठे लोग युवाओं को गुमराह कर रहे हैं': भाजपा अध्यक्ष ने विरोध प्रदर्शनों को लेकर साधा निशाना
ICN24 Newsroom 7 जून 2026, 03:00 am
भाजपा अध्यक्ष ने विदेशों से संचालित होने वाले एजेंडे पर प्रहार करते हुए कहा कि कुछ तत्व भारतीय युवाओं को नकारात्मक राजनीति में धकेल रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक हालिया विरोध प्रदर्शन के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए उन बाहरी ताकतों पर निशाना साधा है, जो उनके अनुसार भारतीय युवाओं को भ्रमित करने और उन्हें नकारात्मक राजनीति की ओर धकेलने का प्रयास कर रही हैं। भाजपा अध्यक्ष ने 'विदेशों में बैठे लोगों' का विशेष उल्लेख करते हुए चेतावनी दी कि भारत की प्रगति में बाधा डालने के लिए युवाओं का इस्तेमाल मोहरे के रूप में किया जा रहा है।
यह टिप्पणी उस समय आई है जब देश के विभिन्न हिस्सों में नागरिक अधिकार समूहों और कुछ विपक्षी संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि इन प्रदर्शनों के पीछे ऐसे लोगों का हाथ है जो भारत में नहीं रहते, लेकिन सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से स्थानीय मुद्दों को हवा देकर अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं। भाजपा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन जब इसका उद्देश्य विकास को रोकना और युवाओं को गुमराह करना हो, तो यह चिंता का विषय बन जाता है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। हाल के वर्षों में देखा गया है कि भारत में होने वाली राजनीतिक हलचल का असर विदेशों में रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ता है। सिडनी, मेलबर्न और पर्थ जैसे शहरों में रहने वाले भारतीय मूल के लोग अक्सर भारत की आंतरिक नीतियों पर अपनी राय रखते हैं। भाजपा के इस बयान को उन समूहों के लिए एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है जो प्रवासी भारतीय (NRIs) होने के नाते देश के भीतर सक्रिय आंदोलनों को वित्तपोषित या प्रभावित करने का प्रयास करते हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज का युवा डिजिटल रूप से सक्षम है, लेकिन उसे सूचनाओं की सत्यता की जांच करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें 'नेगेटिव नैरेटिव' तैयार कर रही हैं ताकि भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश के निर्माण में अपना योगदान दें और ऐसे तत्वों से सावधान रहें जो केवल राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए उन्हें सड़कों पर उतारना चाहते हैं।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का तर्क है कि भारत की अर्थव्यवस्था और तकनीकी प्रगति को देखते हुए कुछ अंतर्राष्ट्रीय लॉबी भारत की साख गिराने की कोशिश कर रही हैं। भाजपा ने संकेत दिया है कि वह युवाओं के बीच जागरूकता अभियान चलाएगी ताकि बाहरी हस्तक्षेप के खतरों से उन्हें अवगत कराया जा सके। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने हालांकि सरकार पर पलटवार किया है और इसे जन-आंदोलनों को दबाने की कोशिश बताया है। आने वाले दिनों में यह वैचारिक टकराव और गहराने की संभावना है, जिसका असर घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिल सकता है।
संबंधित ख़बरें
राजनीति
RSS दफ्तरों पर हमले की बड़ी साजिश का खुलासा: दुबई से मिले थे निर्देश, रांची के बाद लखनऊ था अगला निशाना
रांची में आरएसएस कार्यालय पर हुए हमले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, इस हमले के तार दुबई से जुड़े हैं और अगला निशाना लखनऊ था।
20 जून 2026, 05:56 pm

राजनीति
अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध विराम: हज़ारों की मौत, लेकिन क्या आधिकारिक आंकड़े सच हैं?
ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए समझौता हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों में हजारों मौतों का दावा है, लेकिन इनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
20 जून 2026, 05:10 pm

राजनीति
एमबीए या प्लंबर: मुख्य आर्थिक सलाहकार के बयान ने छेड़ी नई बहस, क्या बदल रहा है रोजगार का नजरिया?
क्या एक प्लंबर एक एमबीए डिग्री धारक से बेहतर कमा सकता है? भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार के बयान ने शिक्षा और हुनर के बीच संतुलन पर एक नई चर्चा शुरू कर दी है।
20 जून 2026, 04:55 pm

