ब्रेकिंग न्यूज़ब्रेकिंग
रूसी तेल खरीदने वाले भारत समेत 5 देशों पर 100% टैरिफ का प्रस्ताव: अमेरिकी सीनेट में पेश हुआ द्विदलीय विधेयक
ICN24 Newsroom 15 जुल॰ 2026, 08:31 pm

अमेरिकी सीनेटरों ने रूसी तेल खरीदने वाले भारत, चीन और तुर्की जैसे देशों पर भारी जुर्माना और 100% आयात शुल्क लगाने वाला एक नया विधेयक पेश किया है।
वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी सीनेटरों के एक द्विदलीय समूह ने एक कड़ा विधेयक पेश किया है, जिसका उद्देश्य रूस के ऊर्जा निर्यात से होने वाली आय को रोकना है। 'स्टॉप फैसिलिटेटिंग रशियन अग्रेशन एक्ट' (Stop Facilitating Russian Aggression Act) नामक इस विधेयक में भारत सहित उन पांच प्रमुख देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ और कड़े प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है, जो यूक्रेन युद्ध के बावजूद रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदना जारी रखे हुए हैं। इस कदम का सीधा असर भारत, चीन, तुर्की, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील पर पड़ सकता है।
रिपब्लिकन सीनेटर मार्को रुबियो और डेमोक्रेटिक सीनेटर मैगी हसन द्वारा प्रायोजित यह विधेयक माध्यमिक प्रतिबंधों (secondary sanctions) की वकालत करता है। इसका अर्थ है कि यदि कोई देश या संस्था रूसी ऊर्जा का व्यापार करती है, तो उसे अमेरिकी वित्तीय प्रणाली और बाजार से बाहर किया जा सकता है। दिलचस्प बात यह है कि इस विधेयक में अमेरिका के यूरोपीय सहयोगियों को विशेष छूट दी गई है, जबकि भारत जैसे रणनीतिक भागीदारों को दंडित करने की बात कही गई है। यह भेदभावपूर्ण रवैया अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नई बहस छेड़ सकता है।
भारत के लिए यह स्थिति विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है। रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रियायती दरों पर रूसी तेल के आयात में भारी वृद्धि की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बार-बार स्पष्ट किया है कि भारत की ऊर्जा खरीद उसके राष्ट्रीय हितों और घरेलू उपभोक्ताओं को सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराने की आवश्यकता से प्रेरित है। भारत का तर्क रहा है कि पश्चिमी देशों की तुलना में उसका रूसी ऊर्जा आयात अभी भी काफी कम है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है। भारत, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया 'क्वाड' (Quad) के सदस्य हैं, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता के लिए मिलकर काम करते हैं। यदि अमेरिका भारत पर ऐसे कड़े व्यापारिक प्रतिबंध लगाता है, तो इससे क्वाड की एकता और सुरक्षा सहयोग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, वैश्विक तेल बाजारों में इस तरह के व्यवधान से ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में अस्थिरता आ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विधेयक फिलहाल एक प्रस्ताव के चरण में है और इसे कानून बनने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। हालांकि, यह वाशिंगटन में बदलती भावनाओं का संकेत है। जहां एक ओर बाइडन प्रशासन भारत के साथ 'क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी' (iCET) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहा है, वहीं सीनेट का यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव पैदा कर सकता है। भारत ने अब तक पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनी 'सामरिक स्वायत्तता' को बनाए रखा है और भविष्य में भी वह अपनी इसी नीति पर अडिग रह सकता है।
संबंधित ख़बरें

ब्रेकिंगब्रेकिंग
केरल लॉटरी परिणाम आज: कारुण्या प्लस KN-632 के नतीजे जारी, प्रथम पुरस्कार 1 करोड़ रुपये
केरल राज्य लॉटरी विभाग ने कारुण्या प्लस KN-632 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। 16 जुलाई 2026 के इस ड्रा में भाग्यशाली विजेता को 1 करोड़ रुपये का इनाम मिलेगा।
16 जुल॰ 2026, 03:32 pm

ब्रेकिंगब्रेकिंग
एमिली ईडन की कूची में छिपी राजनीति: औपनिवेशिक भारत की कलात्मक विरासत पर नई बहस
दिल्ली आर्ट गैलरी (DAG) की नई प्रदर्शनी एमिली ईडन के कार्यों के माध्यम से औपनिवेशिक भारत के जटिल इतिहास और कला के अंतर्संबंधों को उजागर करती है।
16 जुल॰ 2026, 02:32 pm

ब्रेकिंगब्रेकिंग
आज का पंचांग: 16 जुलाई 2026; जानें गुरुवार का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पंचांग के पांच अंग
16 जुलाई 2026 का विस्तृत पंचांग: जानें आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त, नक्षत्र और तिथि की गणना, जो आपके कार्यों को सफल बनाने में सहायक होगी।
16 जुल॰ 2026, 01:32 pm
