राजनीति
मोतिहारी: मौलवी ने कबूला 4 नाबालिग छात्राओं को नेपाल में बेचने का प्लान, 'लव ट्रैप' के जरिए रची थी साजिश
ICN24 Newsroom 8 जून 2026, 12:30 pm
बिहार के मोतिहारी में एक मदरसे के मौलवी ने चार नाबालिग लड़कियों को नेपाल ले जाकर बेचने की साजिश रची थी, जिसे पुलिस ने ऐन वक्त पर नाकाम कर दिया।
बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से मानव तस्करी की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली साजिश सामने आई है। शिकारगंज थाना क्षेत्र के एक मदरसे में पढ़ाने वाले मौलवी अशफाक ने स्वीकार किया है कि उसने चार नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर नेपाल ले जाकर बेचने की पूरी योजना तैयार कर ली थी। पुलिस की तत्परता ने इस घिनौने अपराध को अंजाम देने से ठीक एक घंटे पहले आरोपी को धर दबोचा। आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि यदि पुलिस एक घंटा और देरी करती, तो वह सीमा पार कर जाता और इन लड़कियों को बेचकर करीब 5 लाख रुपये कमाता।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी अशफाक 2022 में नेपाल यात्रा के दौरान एक मानव तस्करी सिंडिकेट के संपर्क में आया था। वहां उसे बताया गया था कि कम उम्र की लड़कियों को नेपाल पहुंचाने के बदले मोटी रकम दी जाती है। 12 से 16 साल की लड़कियों की कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये तय की गई थी। इस लालच में आकर अशफाक ने मदरसा ज्वाइन करने के बाद छात्राओं को अपने जाल में फंसाना शुरू किया। उसने पहले एक छात्रा को 'स्पेशल ट्रीटमेंट' और कहानियों के जरिए प्रेम जाल में फंसाया और फिर उसकी सहेलियों और रिश्तेदारों तक अपनी पहुंच बनाई।
घटनाक्रम के मुताबिक, 3 जून को आरोपी ने चारों लड़कियों को घूमने के बहाने बुलाया और उन्हें मोतिहारी ले गया। खुद पर शक न हो, इसलिए उसने लड़कियों को एक किराए के कमरे में छिपा दिया और खुद अपने घर चला गया। 5 जून की सुबह वह इन लड़कियों को लेकर भारत-नेपाल सीमा पार करने वाला था। हालांकि, परिजनों की शिकायत पर सक्रिय हुई पुलिस ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय इनपुट के आधार पर दबिश दी और लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया।
पीड़ित लड़कियों ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्हें अपने शिक्षक पर पूरा भरोसा था और वे यह कल्पना भी नहीं कर सकती थीं कि उन्हें बेचने की साजिश रची जा रही है। पुलिस ने चारों बच्चियों का धारा 164 के तहत बयान दर्ज करवाकर उन्हें परिजनों को सौंप दिया है। आरोपी अशफाक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
यह घटना भारतीय समाज और विदेश में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए एक चेतावनी है कि कैसे शैक्षणिक संस्थानों में भरोसे का फायदा उठाकर अपराधी मासूमों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह खबर चिंता का विषय है, क्योंकि सुरक्षित बचपन और शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा एक वैश्विक मुद्दा है।
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