राजनीति
सिर्फ फोटो नहीं, मेलोनी की इस बात पर गुस्साए ट्रंप; निकाली ईरान से युद्ध में इटली का साथ ना मिलने की झल्लाहट
ICN24 Newsroom 21 जून 2026, 01:56 am

डोनाल्ड ट्रंप ने इटली की पीएम मेलोनी पर निशाना साधा है। उन्होंने फोटो खिंचवाने के अनुरोध और ईरान के मुद्दे पर इटली के रुख पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के शीर्ष नेता डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। इस बार उनके निशाने पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी रही हैं। ट्रंप ने हाल ही में दिए गए एक बयान में मेलोनी के प्रति अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने दावा किया कि इटली की प्रधानमंत्री ने हाल ही में हुए जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान उनसे साथ में फोटो खिंचवाने का बार-बार अनुरोध किया था। ट्रंप के अनुसार, यह अनुरोध केवल एक औपचारिक शिष्टाचार नहीं था, बल्कि वह इसका उपयोग अपनी राजनीतिक छवि चमकाने के लिए करना चाहती थीं।
हालांकि, विवाद केवल एक फोटो तक सीमित नहीं है। ट्रंप की असल नाराजगी का कारण ईरान के साथ चल रहे तनाव और संभावित युद्ध की स्थिति में इटली का पीछे हटना है। ट्रंप ने अपनी रैलियों और साक्षात्कारों में स्पष्ट किया है कि वह इटली के इस रुख से काफी आहत हैं। उन्होंने संकेत दिया कि जब सुरक्षा और सैन्य सहयोग की बात आती है, तो इटली जैसा महत्वपूर्ण सहयोगी देश अमेरिका के साथ मजबूती से खड़ा नहीं हो रहा है। विशेष रूप से ईरान के मुद्दे पर, जहां ट्रंप एक सख्त नीति के समर्थक रहे हैं, इटली का नरम और कूटनीतिक रुख उन्हें रास नहीं आ रहा है।
ट्रंप ने मेलोनी की आलोचना करते हुए कहा कि एक समय में उन्हें मेलोनी से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन अब उन्हें लगता है कि इटली केवल अपने हितों की रक्षा कर रहा है और वैश्विक सुरक्षा की जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रहा है। यह तल्खी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जॉर्जिया मेलोनी को अक्सर ट्रंप की विचारधारा के करीब माना जाता रहा है। दोनों नेता दक्षिणपंथी राजनीति का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन इस हालिया बयानबाजी ने उनके बीच के रिश्तों में दरार को उजागर कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह हमला उनकी 'अमेरिका फर्स्ट' नीति का हिस्सा है। वह यह संदेश देना चाहते हैं कि भविष्य में यदि वह सत्ता में लौटते हैं, तो वह केवल उन्हीं देशों को तरजीह देंगे जो सैन्य और रणनीतिक मोर्चों पर अमेरिका का बिना शर्त साथ देंगे। इटली द्वारा ईरान के खिलाफ किसी भी प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई का समर्थन न करना ट्रंप के लिए एक बड़ी निराशा का विषय बना हुआ है।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण है। वैश्विक राजनीति में होने वाले इस तरह के बदलावों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ता है। चूंकि ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों ही ईरान और पश्चिम के बीच के तनाव को कम करने के पक्षधर रहे हैं, ऐसे में ट्रंप की यह आक्रामक शैली वैश्विक कूटनीति के लिए नई चुनौतियां पेश कर सकती है। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों के बीच दूरियां बढ़ती हैं, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है, जिससे हर आम आदमी प्रभावित होगा।
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