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असम: स्नातक छात्रों के लिए मुफ्त नामांकन योजना का लाभ 1.85 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला: हिमंत बिस्वा सरमा

ICN24 Newsroom 20 जून 2026, 05:42 pm
असम: स्नातक छात्रों के लिए मुफ्त नामांकन योजना का लाभ 1.85 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला: हिमंत बिस्वा सरमा

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि इस शैक्षणिक वर्ष में असम के 1.85 लाख से अधिक स्नातक छात्रों ने मुफ्त नामांकन पहल का लाभ उठाया है, जो उच्च शिक्षा की सुलभता को दर्शाता है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को राज्य के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस शैक्षणिक वर्ष में राज्य भर के 1.85 लाख से अधिक स्नातक (UG) छात्रों ने सरकार की मुफ्त नामांकन पहल का लाभ उठाया है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को कल्याणकारी योजनाओं की बढ़ती पहुंच का प्रतिबिंब बताया, जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वित्तीय बाधाओं के कारण किसी भी छात्र की उच्च शिक्षा में रुकावट न आए। गुवाहाटी में मीडिया से बात करते हुए, मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह पहल राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है जिसमें शिक्षा को हर वर्ग के लिए सुलभ बनाने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का इस योजना से जुड़ना यह दर्शाता है कि ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं में उच्च शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ा है। यह योजना न केवल परिवारों पर वित्तीय बोझ कम करती है, बल्कि मेधावी छात्रों को बिना किसी चिंता के अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित भी करती है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय, विशेष रूप से असम और पूर्वोत्तर भारत से ताल्लुक रखने वाले प्रवासियों के लिए यह समाचार विशेष महत्व रखता है। सिडनी, मेलबर्न और ब्रिस्बेन जैसे शहरों में बसे असमिया प्रवासी अक्सर अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं और राज्य के विकास कार्यों में गहरी रुचि रखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की जमीनी स्तर की शैक्षिक नीतियां भविष्य में एक कुशल कार्यबल तैयार करने में मदद करेंगी, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकेंगे। भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के लिए, अपने गृह राज्य में शैक्षणिक सशक्तिकरण की ऐसी खबरें गौरव का विषय हैं, क्योंकि यह उस क्षेत्र के बौद्धिक विकास की नींव रखती हैं। योजना के विवरण पर प्रकाश डालते हुए, मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि सरकार का ध्यान केवल नामांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षण संस्थानों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि असम सरकार का लक्ष्य राज्य को एक 'एजुकेशन हब' के रूप में विकसित करना है। मुफ्त नामांकन की इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है ताकि वास्तविक लाभार्थियों तक बिना किसी देरी के सहायता पहुंच सके। निष्कर्षतः, असम में शिक्षा के लोकतंत्रीकरण की दिशा में यह एक ठोस कदम माना जा रहा है। 1.85 लाख से अधिक छात्रों की भागीदारी यह सिद्ध करती है कि सरकारी हस्तक्षेप और सही नीति निर्माण से सामाजिक परिवर्तन लाया जा सकता है। आने वाले वर्षों में, इस योजना के दूरगामी परिणाम राज्य की साक्षरता दर और रोजगार क्षमता में सुधार के रूप में देखने को मिल सकते हैं।
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