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आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ: भक्ति और शक्ति की गुप्त उपासना का पर्व, जानें महत्व और सरल पूजा विधि

ICN24 Newsroom 16 जुल॰ 2026, 01:31 am
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ: भक्ति और शक्ति की गुप्त उपासना का पर्व, जानें महत्व और सरल पूजा विधि

आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि शुरू हो गई है। तंत्र-मंत्र और आध्यात्मिक शुद्धि के लिए समर्पित इस पर्व का महत्व और सरल पूजा विधि यहाँ जानें।

हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो गया है। सनातन धर्म में एक वर्ष के भीतर चार नवरात्रि आती हैं, जिनमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि को सामाजिक स्तर पर धूमधाम से मनाया जाता है। वहीं, आषाढ़ और माघ मास में आने वाली नवरात्रि को 'गुप्त' कहा जाता है। यह समय विशेष रूप से आध्यात्मिक साधना, तंत्र-मंत्र की सिद्धि और आत्म-चिंतन के लिए समर्पित माना गया है। ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए, जहाँ जीवन की भागदौड़ अक्सर आध्यात्मिक कार्यों के लिए कम समय देती है, गुप्त नवरात्रि आत्मिक शांति प्राप्त करने का एक सुनहरा अवसर है। मेलबर्न, सिडनी और ब्रिस्बेन जैसे शहरों में स्थित विभिन्न हिंदू मंदिरों में इस दौरान विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं। हालांकि, गुप्त नवरात्रि का मूल मंत्र व्यक्तिगत और गुप्त साधना है, इसलिए भक्त अपने घरों में ही शांत भाव से देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की दस महाविद्याओं की पूजा का विधान है। इनमें मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी शामिल हैं। साधक अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए इन देवी स्वरूपों का ध्यान करते हैं। ऑस्ट्रेलियाई जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए, श्रद्धालु सरल पूजा विधि अपना सकते हैं। सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर में कलश स्थापना की जा सकती है, यदि समय का अभाव हो तो देवी की प्रतिमा के समक्ष अखंड ज्योति या सामान्य दीपक प्रज्वलित करें। 'ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः' मंत्र का जाप करना फलदायी रहता है। प्रसाद के रूप में फल, लौंग और बताशे अर्पित किए जा सकते हैं। इस पर्व का मुख्य उद्देश्य इंद्रियों पर नियंत्रण और मानसिक शुद्धि है। सिडनी के पंडितों का कहना है कि प्रवासी भारतीयों के लिए यह समय अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और बच्चों को इन प्राचीन परंपराओं के बारे में शिक्षित करने का भी है। गुप्त नवरात्रि में सात्विक आहार और सादगीपूर्ण जीवन का पालन करने से मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है, जो आधुनिक चुनौतियों का सामना करने में सहायक सिद्ध होती है।
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