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जनसांख्यिकीय बदलावों पर लगाम लगाने की तैयारी: गृह मंत्री अमित शाह ने उच्च-स्तरीय समिति के साथ की अहम बैठक
ICN24 Newsroom 14 जून 2026, 04:31 am

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनसांख्यिकीय परिवर्तनों और अवैध प्रवासन की चुनौतियों से निपटने के लिए गठित उच्च-स्तरीय समिति की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों (Demographic Changes) और अवैध प्रवासन की गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उस उच्च-स्तरीय समिति के कार्यों को सुगम बनाना और गति देना था, जिसे भारत की बदलती आबादी के स्वरूप और सुरक्षा पर पड़ने वाले इसके प्रभावों का अध्ययन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गृह मंत्रालय (MHA) के सूत्रों के अनुसार, यह समिति न केवल जनसांख्यिकीय बदलावों के कारणों की जांच करेगी, बल्कि अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए एक व्यापक नीतिगत ढांचा (Policy Framework) भी तैयार करेगी। बैठक के दौरान अमित शाह ने इस बात पर जोर दिया कि देश की आंतरिक सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए सटीक डेटा और प्रभावी निगरानी तंत्र अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे समिति को हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएं ताकि रिपोर्ट समय पर पूरी की जा सके।
यह कदम भारत सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत सीमावर्ती राज्यों और संवेदनशील क्षेत्रों में आबादी के संतुलन में आ रहे बदलावों को गंभीरता से लिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि अनियंत्रित प्रवासन न केवल स्थानीय संसाधनों पर दबाव डालता है, बल्कि सामाजिक समरसता के लिए भी चुनौती पैदा कर सकता है। इस समिति के सुझावों के आधार पर भविष्य में नागरिकता और सीमा प्रबंधन से जुड़े नियमों में और सख्ती देखी जा सकती है।
ऑस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए यह खबर विशेष महत्व रखती है। प्रवासी भारतीय अक्सर भारत की सुरक्षा नीतियों और वहां हो रहे सामाजिक-राजनीतिक बदलावों पर पैनी नजर रखते हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोग, जो स्वयं एक व्यवस्थित और कानूनी प्रवासन प्रक्रिया का हिस्सा रहे हैं, भारत में अवैध प्रवासन के मुद्दों को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखते हैं। भारत में जनसांख्यिकीय स्थिरता का सीधा असर वहां के निवेश माहौल और विदेशों में रह रहे भारतीयों के अपने पैतृक स्थानों से जुड़ाव पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समिति की सिफारिशें न केवल आंतरिक नीतियों को प्रभावित करेंगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के प्रवासन रुख को भी स्पष्ट करेंगी। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार किसी भी प्रकार के अवैध हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगी और नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए कानून को और सुदृढ़ किया जाएगा।
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