राजनीति
दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद: अमित शाह की अध्यक्षता में नदी जल विवाद और सुरक्षा पर हुई अहम चर्चा
ICN24 Newsroom 20 अग॰ 2026, 10:37 pm

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोवलम में 31वीं दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की अध्यक्षता की, जहाँ राज्यों ने जल विवाद और विकास पर मंथन किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को तमिलनाडु के मामल्लापुरम के पास कोवलम में 31वीं दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद (Southern Zonal Council) की बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्च स्तरीय बैठक में दक्षिण भारतीय राज्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे नदी जल विवादों, आंतरिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ पुडुचेरी के उपराज्यपाल और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।
अमित शाह ने अपने संबोधन में 'सहकारी संघवाद' (Cooperative Federalism) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार क्षेत्रीय परिषदों के माध्यम से राज्यों के बीच आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की पक्षधर है। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु नदी जल बंटवारा रहा, जो दक्षिण भारत की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। कावेरी और कृष्णा नदी जल विवादों पर राज्यों ने अपनी-अपनी चिंताएं रखीं, जिस पर गृह मंत्री ने निष्पक्ष समाधान और आपसी संवाद की अपील की।
सुरक्षा के मोर्चे पर, गृह मंत्री ने तटीय सुरक्षा (Coastal Security) और नशीली दवाओं की तस्करी (Drug Trafficking) के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का निर्देश दिया। दक्षिण भारत की लंबी तटरेखा को देखते हुए, उन्होंने राज्यों से समुद्री सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने और आधुनिक तकनीक का उपयोग करने का आह्वान किया। इसके अलावा, साइबर अपराधों से निपटने के लिए राज्यों के बीच डेटा साझा करने और समन्वय बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
विकास के एजेंडे पर बात करते हुए, शाह ने केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत देश की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा इंजन है, और यहाँ की ढांचागत परियोजनाओं, जैसे कि सागरमाला और भारतमाला, की प्रगति सीधे तौर पर राष्ट्रीय विकास को प्रभावित करती है। बैठक में डिजिटल कनेक्टिविटी और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया।
ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय, विशेष रूप से दक्षिण भारतीय प्रवासियों के लिए, यह बैठक अत्यंत प्रासंगिक है। ऑस्ट्रेलिया में तेलुगु, तमिल, मलयाली और कन्नड़ समुदायों की एक बड़ी आबादी रहती है, जिनके व्यावसायिक और पारिवारिक हित सीधे तौर पर उनके गृह राज्यों की स्थिरता और प्रगति से जुड़े हैं। भारत के दक्षिणी राज्यों में बुनियादी ढांचे में सुधार और जल संकट का समाधान होने से न केवल वहां कृषि और उद्योग को बढ़ावा मिलता है, बल्कि यह प्रवासी भारतीयों के लिए भी निवेश के नए अवसर खोलता है।
बैठक के अंत में, अमित शाह ने सभी राज्यों से 'टीम इंडिया' की भावना के साथ काम करने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि निरंतर संवाद के माध्यम से जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है, जिससे न केवल दक्षिण भारत बल्कि पूरे देश की प्रगति सुनिश्चित होगी।
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