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अभिजीत दिपके का निर्वासन: विदेश मंत्रालय ने कहा- अमेरिका से नहीं मिली कोई आधिकारिक जानकारी
ICN24 Newsroom 6 जून 2026, 03:00 pm

भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसे सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके के वीजा निलंबन या अमेरिका से उनके निर्वासन के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि उसे संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा नागरिक अधिकार कार्यकर्ता और 'सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के वीजा निलंबन या उनके निर्वासन के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान जब इस विषय पर सवाल पूछा गया, तो विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में अमेरिकी अधिकारियों की ओर से कोई संवाद नहीं हुआ है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिजीत दिपके को हाल ही में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिया गया था और बाद में उन्हें वापस भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। दिपके के शनिवार को दिल्ली पहुंचने की संभावना है। उनके समर्थकों और संबंधित राजनीतिक दल ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई है।
आमतौर पर, जब किसी भारतीय नागरिक को किसी दूसरे देश से निर्वासित किया जाता है, तो संबंधित देश के दूतावास या स्थानीय अधिकारी भारतीय मिशन को इसकी सूचना देते हैं। हालांकि, इस मामले में विदेश मंत्रालय का कहना है कि उन्हें इस प्रक्रिया के बारे में अंधेरे में रखा गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय नागरिकों के वीजा और निर्वासन से जुड़े मुद्दे संवेदनशील बने हुए हैं।
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है, क्योंकि हाल के महीनों में पश्चिमी देशों में वीजा नियमों और विदेशी कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर निगरानी सख्त हुई है। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे देशों में भारतीय प्रवासियों की बड़ी संख्या है, और इस तरह के मामले अक्सर अंतरराष्ट्रीय आव्रजन नीतियों और राजनयिक संबंधों पर सवाल खड़े करते हैं।
दिपके के समर्थकों का आरोप है कि यह कार्रवाई उनके सामाजिक और राजनीतिक कार्यों के कारण की गई है। वहीं, अमेरिकी दूतावास या गृह विभाग की ओर से अभी तक इस विशेष मामले पर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। भारत सरकार ने फिलहाल इस मामले में हस्तक्षेप करने या किसी भी तरह की कानूनी सहायता की पुष्टि नहीं की है, क्योंकि आधिकारिक तौर पर निर्वासन के कारणों का खुलासा होना बाकी है।
जैसे-जैसे दिपके भारत लौटेंगे, यह मामला और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ सकता है। दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हैं। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि वह विदेशों में भारतीय नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन प्रक्रियात्मक जानकारी के अभाव में फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
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